विदेशी टूर का आनंद लेने वाले सरकारी डॉक्टर अब हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के राडार पर आ गए हैं। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को मिली शिकायतों के मुताबिक कई प्राइवेट दवा कंपनियां अधिकतर सरकारी डाक्टरों के विदेशी टूर प्रायोजित कर रही है। इसके एवज में सरकारी डॉक्टर प्राइवेट दवा कंपनियों की दवाइयों मरीजों को लिखते हैं।
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में फॉर्मा कंपनियों तथा डॉक्टर्स की कथित सांठगांठ को तोड़ने के लिए गत 4 वर्षों के दौरान विदेशी दौरे करने वाले चिकित्सकों के टूर पैकेज की जांच करवाई जाएगी।
विज ने कहा कि इस प्रकार की घटना में शामिल पीजीआईएमएस रोहतक के निदेशक डा. नित्यानंद को पहले ही निलंबित कर दिया गया है। विज के अनुसार नित्यानंद और एक निजी फॉर्मा कंपनी की मिलीभगत की बात सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे मामलों में संलिप्त पाई जाने वाली कंपनियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को उचित कार्रवाई के लिए लिखा गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हर वर्ष प्रदेश के दर्जनों चिकित्सक विदेशों की यात्रा करके आते हैं, जिसके कारण यह संदेह पैदा होना स्वाभाविक है। इसलिए ऐसे डॉक्टर्स के खातों की जांच करवाई जाएगी कि वे अपने खर्च पर विदेश यात्रा पर गए थे या उन्हें किसी कंपनी या व्यक्ति द्वारा प्रायोजित किया गया था।