पंजाब के सरहिंद में एक धार्मिक स्थल तोड़े जाने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है। जिसमें सिविल अस्पताल के सामने धार्मिक स्थल तोड़ने के विरोध में जिला प्रशासनिक कांप्लेक्स के पास लोगों ने कार्रवाई की मांग करते हुए धरना दिया।
कोई कार्रवाई न होने पर सुबह होते ही यह मामला फिर गरमा गया और धीरे-धीरे राजनीतिक रूप लेते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गया। भारी संख्या में कई धार्मिक संगठनों व आम लोगों ने धरना दिया। कांग्रेस को छोड़कर सभी सियासी दलों ने इस धरने में हिस्सा लिया और कार्रवाई की मांग की।
देर शाम को डीसी फतेहगढ़ साहिब पूनमदीप कौर धरनास्थल पर पहुंचीं और धरनाकारियों को संबंधित लोगों पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया। जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। आप हलका प्रभारी एडवोकेट लखवीर सिंह राय, शिरोमणि अकाली के उम्मीदवार जगदीप सिंह चीमा, एडवोकेट नरिंदर सिंह टिवाना, सरबजीत सिंह मक्खन, कुलविंदर सिंह डेरा भी पहुंचे।
रात करीब आठ बजे जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने और सुबह कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने धरना समाप्त कर दिया था। बुधवार सुबह कार्रवाई न होने के रोष में सरहिंद राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब सात घंटे तक लोगों ने धरना दिया। दरअसल, धार्मिक स्थल वाली जगह पर एसडीएम दफ्तर का निर्माण होना है।
इसको लेकर धार्मिक संगठनों में रोष व्याप्त हो गया। भाजपा जिला प्रधान प्रदीप गर्ग, पूर्व मंत्री डॉ हरबंस लाल, आप नेता दीपक बातिश, गुरुविन्दर सिंह सोही, भाजपा सरहिंद मंडल प्रधान अंकुर शर्मा, शिवसेना नेता हरप्रीत सिंह लाली, शशि उप्पल, संजे कुमार पूर्व काउंसलर मनीष धीमान, अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति के नेता नितिन सूद, नरेश सरीन, विनय गुप्ता, बिकी राय, रामपाल सोल पूर्व सैनिक, रमेश कुमार सोनू, समाजसेवी सरबजीत सिंह ने कहा कि मंगलवार रात को सिविल अस्पताल के सामने एक धार्मिक स्थल को कांग्रेस की शह पर तोड़ दिया गया है।