चंडीगढ़। मलोया के सरकारी स्कूल की छठी की छात्रा की मारपीट के मामले में 16 दिन बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। हालांकि अभी तक मौत का कारण सामने नहीं आया है। इससे गुस्साए मृतक बच्ची के परिजनों ने शनिवार को मलोया स्कूल का घेराव किया। मलोया पुलिस ने परिजनों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत किया। पुलिस ने बताया कि डेढ़ से दो महीने में विसरा रिपोर्ट आ जाएगी। पुलिस इस मामले में गंभीर है।
छात्रा के पिता मिथिलेश कुमार ने बताया कि उनकी बेटी मलोया स्मॉल फ्लैट के सरकारी स्कूल में छठी की छात्रा थी। वह क्लास की मॉनिटर थी। तीन मार्च को टीचर ने छठी कक्षा के सेक्शन ए और बी को एक साथ किया था और प्रियंका की जिम्मेदारी लगाई थी कि जो भी हल्ला करेगा, वह उसका नाम ब्लैकबोर्ड पर लिख देगी। मिथिलेश ने बताया कि कक्षा की ही एक छात्रा ने शोर मचाया तो उनकी बेटी ने ब्लैकबोर्ड पर नाम लिख दिया। इससे वह काफी नाराज हो गई और प्रियंका को पीटने लगी। इसमें प्रियंका को काफी चोट आई। उसके पैर से खून निकलने लगा लेकिन स्कूल ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और बच्ची को घर भेज दिया। बच्ची की 16 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।