एनीमिया सिर्फ शरीर को ही कमजोर नहीं करता बल्कि इसके कारण दिमाग की नसों पर दबाव बढ़ सकता है। इस दबाव के कारण आंखों की रोशनी तक जा सकती है। इसकी पुष्टि पीजीआई न्यूरोलॉजी और न्यूरोऑप्थल्मोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने मरीजों पर शोध के परिणाम में की है।
डॉ. आस्था ने बताया कि एनीमिया रहित समूह की तुलना में एनीमिया वाले समूह में मस्तिष्कमेरु द्रव का दबाव (मस्तिष्क के अंदर तरल पदार्थ का दबाव) अधिक था। वहीं, एनीमिया से पीड़ित रोगियों में एनीमिया रहित रोगियों (60%) की तुलना में खराब समग्र दृश्य परिणाम (75%) देखा गया। इसके साथ ही ज्यादा एनीमिया वाले मरीजों में कम एनीमिया वालों की तुलना में आवश्यकता ज्यादा नजर आई। बता दें कि शोध में 64.6 मरीजों में एनीमिया का स्तर कम था। इससे यह साबित होता है कि एनीमिया के कारण इडियोपैथिक इंट्राक्रैनील हाइपरटेंशन की घटना बढ़ जाती हैं। वहीं, ये आंखों की रोशनी छीन सकता है।
इडियोपैथिक इंट्राक्रैनील हाइपरटेंशन तब होता है जब मस्तिष्क के चारों ओर उच्च दबाव दृष्टि परिवर्तन और सिरदर्द जैसे लक्षण पैदा करता है। इडियोपैथिक का अर्थ है कारण ज्ञात नहीं है। इंट्राक्रैनील का अर्थ है खोपड़ी में और हाइपरटेंशन का अर्थ है उच्च दबाव। यह मर्ज तब होता है जब बहुत अधिक मस्तिष्क मेरु द्रव्य मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आसपास का द्रव्य खोपड़ी में जमा हो जाता है। यह मस्तिष्क और आपकी आंख के पीछे की तंत्रिका पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिसे ऑप्टिक तंत्रिका कहा जाता है।
सिरदर्द
20-40 वर्ष के बीच अधिकांश की आयु
100% मरीजों में उस समय था सिरदर्द
55.4% में दृष्टि का धुंधलापन
56.3% में टिनिटस
29.2% में दोहरी दृष्टि
90.8 प्रतिशत मोटापे के शिकार