हिंदू संघर्ष सेना के जिला प्रधान विपन शर्मा को गोली मारने वाला आतंकी नहीं, बल्कि गैंगस्टर निकला। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों के बाद जिले की पुलिस ने एक हत्यारे की पहचान सारज सिंह मिंटू के रूप में की है। सारज सिंह मिंटू गैंगस्टर है।
वह हत्या की और भी कई वारदातों में वांटेड है। सूबे के तमाम थानों में उसके खिलाफ 12 से अधिक गंभीर अपराध के केस दर्ज हैं। मामले में पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव का कहना है कि पुलिस जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर लेगी। वारदात के पीदे गैंगस्टर कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस छापामारी कर रही है। इसके लिए सूबे के दूसरे शहरों की पुलिस के साथ भी पूरा तालमेल बैठाया जा रहा है।
हुलिया बदलने में माहिर है मिंटू
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सारज सिंह मिंटू बेहद शातिर गैंगस्टर है। वह अपना हुलिया बदलने में भी माहिर है। प्रत्येक वारदात के बाद वह घटना वाला शहर छोड़ देता है। थाना डी डिवीजन के बाहर हरिया गैंगस्टर को सरेआम गोली मारकर हत्या करने के दौरान उसके साथ बोबी मल्होत्रा (गैंगस्टर) भी उसके साथ था। मिंटू पार्षद गिंदा की हत्या का भी आरोपी है। सारज का पता गांव डोडे खालसा, पुलिस स्टेशन भिखीविंड (तरनतारन) है। जबकि पुलिस का पता चला है कि वर्तमान में उसने अपना ठिकाना शहीदा साहिब गुरुद्वारे के पास बना रखा था।
हुलिया बदलने में माहिर है मिंटू
Hindu leader shot dead in Amritsar
ब्रिज पर शव रखकर प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ झड़प :
सोमवार को हुई विपन शर्मा की हत्या के बाद से ही इस घटना के विरोध में धरना-प्रदर्शन का दौर चलता रहा। घटना के 24 घंटे बाद भी माहौल पुलिस के हाथ से निकलता दिखा। जबकि अमन कायम रखने के प्रयास के तहत मंगलवार को शहर के कोने-कोने पर पुलिसकमियों की तैनाती कर दी गई थी। पुलिस के आला अधिकारी दिन भर प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ रहे। कई बार माहौल खराब होते-होते बचा।
पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुईं। प्रदर्शनकारियों ने पहले शहर के अधिकांश बाजार बंद करवाए और उसके बाद विपन शर्मा का शव भंडारी ब्रिज पर रखकर दोपहर दो बजे से धरना प्रदर्शन करते हुए सड़के जाम कर दिया। इस बीच शहर के अधिकांश बाजार बंद रहे। शहरवासी घंटों तक जाम में फंसे रहे। पुलिस चाह कर भी प्रदर्शनकारियों को रोक न सकी।
फेसबुक पर पोस्ट तस्वीर के कारण चकमा खा गई पुलिस :
विपन शर्मा की हत्या के बाद फेसबुक पर अपलोड हुई तस्वीर के कारण पुलिस चकमा खा गई। फेसबुक पर एक आतंकी संगठन के प्रशंसक ने विपन की वो फोटो अपलोड की, जब उन्होंने आतंकवाद का पुतला फूंका था। पोस्ट में लिखा गया कि उसे तो मरना ही था। इस पोस्ट के बाद पुलिस की जांच किसी आतंकी संगठन के तरफ घूमती, तभी सोशल मीडिया पर ही सारज सिंह मिंटू की पहचान हो गई। पहचान के बाद पुलिस अब इस थ्योरी पर काम कर रही है कि गैंगस्टर ने विपन शर्मा की हत्या केवल माहौल गरम करने के लिए की थी या फिर इसके पीछे कोई और वजह भी है।