सड़क हादसों को लेकर सरकार हरकत में है। सरकार की नज़र कई बसों पर हैं, जो अवैध तरीके से चल रही हैं, जिस पर अब गाज गिरना तय हो गया है। सीएम ने सभी बस परमिट रिव्यू करअवैध रूप से चल रही बसों को बंद करने के निर्देश दिए। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्रैफिक एनफोर्समेंट अथॉरिटीज को निर्देश दिए हैं कि तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामले में खासकर बसों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट में स्पीड गवर्नर लगाने की संभावना भी तलाशी जाए।
सीएम ने ट्रांसपोर्ट विभाग और ट्रैफिक पुलिस को पूरे सूबे में मुहिम चलाने को कहा है। सीएम ने ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए हैं कि तेज रफ्तार और ज्यादा सवारियां भरने पर लगाम लगाई जाए। अवैध तौर पर मोडिफिकेशन के तहत पब्लिक ट्रांसपोर्ट में चलाए जा रहे वाहनों पर रोक लगाई जाए। ट्रांसपोर्ट विभाग को बसों और ट्रकों में स्पीड गवर्नर लगाने की संभावनाएं तलाशने को कहा गया है। वहीं पीडब्ल्यूडी को बेहतर स्पीड ब्रेकर यकीनी बनाने को कहा गया है।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल की ऑर्बिट बस सर्विस के परमिट भी रिव्यू किए जाएंगे। ऑर्बिट बसें घटनाओं के चलते चर्चा में रही हैं। सीएम ने कहा कि राज्य में हो रहे सड़क हादसों के कारणों की पड़ताल को रोड सेफ्टी अथॉरिटी की स्थापना की जाएगी। कैबिनेट की पहली बैठक में लिए गए इस फैसले पर अमल शुरू कर दिया गया है। अथॉरिटी की सिफारिशों पर पंजाब की सड़कों को सुरक्षित बनाया जाएगा। शनिवार को बरनाला में हुए हादसे में ऑर्बिट बस शामिल थी। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। वहीं रविवार को भी मौड़ मंडी के पास हुए हादसे में एक बार फिर चार लोगों की जान गई।