गृह मंत्री अनिल विज ने डीजी जेल से बात की और सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। विज ने कहा कि जेल प्रशासन की मिलीभगत के बिना ऐसा संभव नहीं हो सकता है कि एक व्यक्ति के बदले दूसरे व्यक्ति को छोड़ दिया जाए।
अनिल विज ने कहा कि यह काफी गंभीर मामला है और जांच का आदेश दिया है। उन्होंने इस संबंध में जेल प्रशासन से भी बात की थी। जेल प्रशासन का कहना है कि गलती से किसी अन्य व्यक्ति को छोड़ दिया है। श्री विज ने कहा कि यह काफी बड़ा मामला है।
प्लॉट दिलाने के नाम पर 36 लाख की ठगी, पानीपत एसपी से रिपोर्ट तलब
उधर, अनिल विज ने पानीपत में प्लॉट खरीदने के नाम पर 36 लाख रुपये की ठगी मामले में एसपी से पूर्व में दर्ज मामले में अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की। परिवार ने अपनी शिकायत में बताया कि प्लॉट खरीदने के लिए 36 लाख रुपये की राशि उन्होंने बिल्डर को दी थी। मगर न तो राशि वापस दी गई और न ही प्लॉट दिया गया। केस दर्ज होने के बावजूद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।