इससे घाटी में आतंकवाद का खात्मा होने के भाजपा के दावे संबंधी पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि इसे आतंकवाद के साथ किस तरह जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सेना और पुलिस समेत सुरक्षा फोर्स आतंकवाद के विरुद्ध लड़ रही हैं। उन्होंने भरोसा प्रकट किया कि यह फोर्स कश्मीर में से आतंकवाद के सफाए के लिए लगातार कार्य करती रहेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि अनुच्छेद 370 की वैधता पर बहस की जा सकती है लेकिन केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया गैर संवैधानिक है। उन्होंने कहा कि इस मामले में नियमों को नहीं अपनाया गया।
इस तरह का महत्वपूर्ण फैसला लेने से पहले आम सहमति तैयार करने में असफल रहने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने संघीय ढांचे को कमजोर किया है और यह राज्यों को कमजोर करने की केंद्र की सुनियोजित कोशिश है। कैप्टन ने अकाली दल द्वारा इसके स्वागत पर हैरानी प्रकट की। उन्होंने कहा कि उन्होंने संघीय ढांचे के मामले पर पलटी मारी है जो अकाली दल के आनंदपुर साहिब के प्रस्ताव के मूल तत्व के विरुद्ध है।