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कैप्टन का छलका दर्द: 150 मृतक किसानों के वारिसों को नियुक्ति पत्र न दे पाने का दुख, कहा- नए सीएम जल्द यह कार्य करेंगे

Sun, 19 Sep 2021 09:55 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह का दर्द छलका। किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले 150 किसानों के वारिसों को नियुक्ति पत्र न सौंप पाने का दुख अमरिंदर सिंह ने रविवार को जाहिर किया। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि नए मुख्यमंत्री इस काम को बहुत ही जल्द करेंगे।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पंजाब में नए मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह सक्रिय भूमिका में आ गए हैं। उन्होंने किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए 150 किसानों के परिवारों को नियुक्ति पत्र नहीं दे पाने पर दुख प्रकट किया है। साथ ही नए मुख्यमंत्री से जल्द नियुक्ति पत्र देने की अपील की और शीघ्र ही इस कार्य को पूरा करने की उम्मीद जताई है।

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कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री के पद के लिए मनोनीत चरणजीत सिंह चन्नी को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि राज्य सरकार संकट का सामना कर रहे पंजाब के किसानों के साथ अपना साथ जारी रखे, जिन्होंने इंसाफ के लिए हमारी साझा लड़ाई में अपनी जिंदगी तक कुर्बान कर दी।

कैप्टन ने स्पष्ट किया कि वह अपने अस्तित्व और इंसाफ के लिए संघर्ष कर रहे किसानों का साथ पहले की तरह देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि हर पंजाबी बल्कि हर भारतीय का इस मुश्किल घड़ी में किसानों के साथ नैतिक तौर पर खड़ा होना बनता है। उन्होंने कहा कि हालांकि वह इस समय राज्य की बागडोर नहीं संभाल रहे लेकिन उनका दिल हमेशा ही किसानों और उनके परिवारों के साथ है और अपनी सरकार के दौरान किसानों को हक दिलाने को यकीनी बनाने के लिए वह जो भी कर सकते थे, वह सब कुछ किया।
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14.85 करोड़ बांटा मुआवजा
कैप्टन ने बताया कि अभी तक के सरकार के कार्यकाल के दौरान किसान संघर्ष में जान गंवाने वाले 298 किसानों के वारिसों को 14,85,50,000 रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। वह भारत के अन्नदाताओं के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। यह हर सरकार और राजनीतिक पक्ष, चाहे वह पंजाब या किसी अन्य राज्य या फिर केंद्र की सरकार हो, की यह जिम्मेदारी बनती है कि किसानों को उनके बनते हक दिए जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे 51 और मामले भी प्रक्रिया अधीन है।

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