पंजाब के परिवहन मंत्री राजा वड़िंग को लगातार दूसरे दिन झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने टैक्स न भरने के चलते जब्त की गई निजी बसें तत्काल छोड़ने और उनका परमिट अस्थायी तौर पर बहाल करने का पंजाब सरकार को आदेश दिया है। ऑर्बिट एविएशन ने सीनियर एडवोकेट पुनीत बाली के माध्यम से दाखिल याचिका में बताया कि सरकार पहले याची को टैक्स किश्तों में भरने की इजाजत दे चुकी थी और बाद में याचिकाकर्ता कंपनी को सूचित किए बिना इस इजाजत को रद्द कर दिया गया। इसके बाद याची के परमिट भी रद्द कर दिए गए।
याचिकाकर्ता टैक्स की पूरी राशि 30 नवंबर तक भरने को तैयार है। ऑर्बिट एविएशन ने हाईकोर्ट को बताया कि उनका 77 लाख रुपये टैक्स बकाया था। 11 अक्तूबर को याची के निवेदन पर अथॉरिटी ने इसे चार किस्तों में भरने की छूट दी थी। याची ने पहली किश्त भी भर दी थी लेकिन 18 अक्तूबर को किस्तों में बकाया भरने की इजाजत वापस ले ली गई। ऐसे में याची का परमिट रद्द करना और बसों को जब्त करना सही नहीं है।
हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि कोर्ट को अब इस मामले में दखल देना पड़ेगा। लिहाजा हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता कंपनी की जब्त की गई बसें छोड़ने और रद्द किए गए परमिट को अस्थायी रूप से बहाल करने का पंजाब सरकार को आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने इसके साथ ही पंजाब सरकार व परिवहन मंत्री को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।