महिला वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत ने मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर शानदार जीत दर्ज की और फाइनल में जगह बनाई। इस ऐतिहासिक मुकाबले में मोहाली फेज-5 की रहने वाली अमनजोत कौर का प्रदर्शन शानदार रहा। अमनजोत ने गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन योगदान दिया, जिसने भारत को जीत की ओर अग्रसर किया।
मैच में जब भारत को स्थिरता की जरूरत थी, तब अमनजोत ने महत्वपूर्ण विकेट लिए और अंत में विजयी चौका लगाकर टीम को फाइनल में पहुंचाया। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स की पारियों के बाद अमनजोत का संयमित खेल निर्णायक साबित हुआ। उनके प्रदर्शन की सराहना क्रिकेट जगत में हर ओर हो रही है।
अमनजोत के पिता भूपिंदर सिंह ने बड़े गर्व से बताया कि बेटी को क्रिकेटर बनाने के लिए उन्होंने हर संभव मेहनत की। मैं रोज साइकिल पर उसे सेक्टर-26 ग्राउंड तक ट्रेनिंग के लिए लेकर जाता था। कई बार काम की दिहाड़ी भी छोड़नी पड़ती थी, लेकिन आज उसकी मेहनत और हमारे सपनों ने रंग ला दिया। मां रंजीत कौर ने कहा कि अमनजोत ने पूरे परिवार का नाम रोशन किया है। हमें भरोसा है कि वह फाइनल में भी शानदार प्रदर्शन करेगी। परिवारवालों ने कहा कि अमनजोत की शांत स्वभाव और दबाव में खेल संभालने की क्षमता टीम इंडिया की ताकत है। अब देशभर की निगाहें फाइनल पर टिकी हैं, जहां अमनजोत और उनकी टीम भारत को महिला वर्ल्ड कप ट्रॉफी दिलाने के लिए तैयार हैं।