चंडीगढ़। जिला अदालत ने महिला के साथ हुई छेड़छाड़ व मारपीट के चार साल पुराने मामले में पकड़े गए युवक को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। बरी हुए युवक की पहचान मलोया कॉलोनी के रहने वाले जतिंदर उर्फ राजू के तौर पर हुई है। बचाव पक्ष के वकील पलविंदर सिंह ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया। मामले में साल 2019 में मलोया थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने बरी हुए युवक के खिलाफ छोड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। शिकायत के अधार पर पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। मामले में चली अदालती कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुनने और सामने आए सबूतों व तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को बरी दिया।
महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह 19 अक्तूबर 2019 को दुकान में सामान लेने गई थी। यहां जतिंदर ने उसके साथ छेड़छाड़ की। पीड़िता ने जब आरोपी की हरकत का विरोध किया तो उसने महिला से मारपीट कर दी। मामले में युवक की गिरफ्तारी के बाद अदालत में चली कारवाई के दौरान बरी हुए युवक के वकील ने कहा कि मामला दर्ज होने से कुछ दिन पहले ही उनके मुवक्किल के छोटे भाई ने शिकायतकर्ता महिला के पति के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पति के खिलाफ दर्ज कराए गए इसी केस का बदला लेने के लिए शिकायतकर्ता ने उनके मुवक्किल जतिंदर के खिलाफ झूठी शिकायत देते हुए केस में फंसाया है। वकील ने कहा कि घटना के दिन यदि पीड़िता पर हमला किया गया तो पुलिस ने कोई गवाह क्यों नहीं बनाया। बचाव पक्ष के वकील पलविंदर सिंह ने कहा कि मामले में उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया था।