पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आज सुबह 8 से शाम 6 बजे तक राज्य के 2.14 करोड़ मतदाता कुल 1304 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद कर देंगे। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) डॉ. एस. करुणा राजू ने बताया कि चुनाव के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए हैं ताकि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव को यकीनी बनाया जा सके।
डॉ. राजू ने बताया कि तीन विशेष स्टेट ऑब्जर्वरों के अलावा भारतीय निर्वाचन आयोग ने 65 जनरल ऑब्जर्वर, 50 व्यय पर्यवेक्षक और 29 पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। पोलिंग पार्टियों की सहायता के लिए 2083 सैक्टर अफसर तैनात किए गए हैं। राज्य में 17 विधानसभा हलकों की शिनाखत व्यय संवेदनशील के तौर पर की गई है। उन्होंने कहा कि 117 डिसपैच सेंटर और 117 कुलैकशन सेंटर हैं, जबकि राज्य में 67 स्थानों पर 117 ईवीऐम स्ट्रांग रूम स्थापित किये गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर पीने वाला साफ पानी, टैंट और कुर्सियों समेत कम से कम सुविधाओं, कम से कम एक व्हील चेयर की उपलब्धता को यकीनी बनाया जाएगा। इसके अलावा, प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर दस्ताने, सैनीटाईजर, साबुन और मास्क समेत कोविड-19 सामग्री होगी जबकि अवशेष के उचित निपटारे के लिए कूड़ादान और रंगदार थैले रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी पोलिंग स्टाफ को खाना और रिफरैशमेंट मुहैया करवाई जाएगी। डॉ. राजू ने पोलिंग स्टेशनों पर वोटरों को मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने समेत कोविड-19 प्रोटोकोल की पालना करने की भी अपील की।
उन्होंने आगे बताया कि 80 साल से अधिक उम्र के 444721 व्यक्ति, 138116 दिव्यांग वोटर और 162 कोविड-19 मरीजों को पोस्टल बैलट सुविधा के लिए फार्म डी मुहैया करवाए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इस बार 18-19 साल उम्र वर्ग के 348836 वोटर अपने वोट के अधिकार का प्रयोग करेंगे और प्रत्येक जिला प्रशासन पहली बार इन नौजवान वोटरों को प्रेरित करने के लिए जरुरी कदम उठा रहा हैं। उन्होंने बताया कि 80 साल से अधिक उम्र के 509405 वोटर, 109624 सर्विस वोटर और 158341 दिव्यांग वोटर हैं, जबकि 1608 प्रवासी वोटर हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार वोट डालने वाले वोटरों को वेलकम किटें जारी की गई हैं, जबकि लोगों को उनके वोट के अधिकारों के बारे जागरूक करने के लिये वोटर सूचना गाइडें भी वितरित की गई हैं।
डॉ. राजू ने बताया कि जीपीएस से लैस 9966 वाहनों का प्रयोग चुनाव ड्यूटियों के लिए किया जा रहा है। पोलिंग पार्टियाँ को पोलिंग स्टेशनों पर भेजने के लिए 5000 से अधिक बसों का प्रयोग किया जा रहा है। डॉ. राजू ने कहा कि चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से पूरा करने के लिए राज्य भर में तैनात पुलिस पार्टियां शराब, नशीले पदार्थों और पैसे के लेन-देन को रोकने के लिए चौकसी से तलाशी ले रही हैं। वोटरों को भ्रमित करने के लिए शराब, नशीले पदार्थों और पैसे के वितरण की घटनाओं को रोकने के लिए सभी डीसी, सीपी और एसएसपी सख्त निगरानी रख रहे हैं और सूचना या शिकायत मिलने पर तुरंत छापेमारी की जा रही है।
आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद 18 फरवरी तक अलग-अलग इनफोर्समेंट टीमों ने 500.70 करोड़ रुपये कीमत का सामान जब्त किया है। पंजाब आबकारी विभाग की निगरान टीमों ने 35.43 करोड़ रुपये की 58.18 लाख लीटर शराब जब्त की है। इसी तरह, इनफोर्समेंट विंग ने 368.60 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ भी बरामद किए हैं और 32.52 करोड़ रुपये की बेनामी नकदी भी जब्त की है। डॉ. राजू ने बताया कि राज्य में 9 जनवरी से 18 फरवरी तक 3467 एफआईआर दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि कुल 3467 एफआईआर में से 93 आईपीसी, 22 आरपी एक्ट, 203 प्रॉपर्टी डीफेसमेंट, 40 कोविड-19 से संबंधित, 902 एनडीपीएस के तहत, 2109 आबकारी से संबंधित, 80 हथियारों से और 18 अन्य मामले हैं।
डॉ. राजू ने यह भी बताया कि आखिरी 48 घंटों संबंधी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया (एसओपी) 18 फरवरी शाम 6 बजे से लागू हो चुकी है। चुनाव के मद्देनजर पंजाब में इस साईलेंस पीरियड के दौरान शराब की बिक्री पर मुकम्मल पाबंदी रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पड़ोसी राज्यों- जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के 3 किलोमीटर के दायरे में आते शराब के ठेकों को भी इस समय के दौरान ड्राई डे घोषित किया गया है।