पंजाब के हजारों करोड़ के ड्रग कारोबार मामले में सीलबंद रिपोर्ट खोलने पर गुरुवार को सभी पक्ष एकमत नजर आए। यह तय किया गया कि इस बारे में नेताओं और बड़े-बड़े नामों पर चर्चा सबसे पहले होनी चाहिए। ऐसे में अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में रिपोर्ट खोलने और बड़े नामों के सामने आने का रास्ता साफ हो गया है।
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सुनवाई शुरू होते ही इस पूरे केस का सार हाईकोर्ट को सौंपा गया। एडवोकेट नवकिरण सिंह और सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता ने हाईकोर्ट से कहा कि इस मामले में पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को लेकर एसटीएफ की टिप्पणी और उस पर पंजाब के तत्कालीन गृह सचिव और डीजीपी की राय वाली 23 मई 2018 को सौंपी गई सीलबंद रिपोर्ट खोली जाए और उस पर चर्चा हो। इसके साथ ही प्राथमिकता के आधार पर नशे को लेकर राजनेताओं और पुलिस अधिकारियों के गठजोड़ और विदेशों में बैठे नशे के तस्करों को पकड़ने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर बहस होनी चाहिए।
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केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन ने हाईकोर्ट को बताया कि समय-समय पर केंद्रीय एजेंसियों को जो आदेश दिए गए थे उस पर लगातार कार्रवाई हो रही है। उसकी रिपोर्ट भी हाईकोर्ट को सौंप सकते हैं। इस पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने का आदेश देते हुए सुनवाई 26 अक्तूबर तक स्थगित कर दी।