पंजाब कांग्रेस में मतभेद अभी सुलझे नहीं हैं। लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू की सक्रियता से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। माना जा रहा है कि जल्द ही सिद्धू को पंजाब कांग्रेस की कमान मिल जाएगी।
रविवार को सिद्धू पटियाला स्थित अपने आवास ने निकले और कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और छह अन्य विधायकों के साथ विधायक मदन लाल के आवास मिलने पहुंचे। इसके बाद सिद्धू ने लुधियाना के खन्ना में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उधर, किसान और पंजाब में कांग्रेस के मुद्दों को लेकर राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा के नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर बड़ी बैठक की। बैठक में पंजाब के सभी कांग्रेस सांसद शामिल हुए।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक शनिवार को सिद्धू ने पंजाब के 30 विधायक और मंत्रियों से मुलाकात की। इससे पहले शनिवार को ही सिद्धू पंचकूला में मौजूदा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ से भी मुलाकात कर चुके हैं। मंत्री-विधायकों के साथ सिद्धू के खाना खाते तस्वीरें भी सामने आईं।
प्रताप सिंह बाजवा के आवास पर बैठक संपन्न
उधर, सिद्धू के खिलाफ कैप्टन अमरिंदर सिंह के सुर नरम पड़े हैं। लेकिन शनिवार को कैप्टन ने राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा से मुलाकात की। इसके बाद रविवार को प्रताप सिंह बाजवा के आवास पर पंजाब के सांसदों की बैठक हुई। इसमें राज्यसभा और लोकसभा के सभी सांसद शामिल हुए।
बाजवा बोले- कैप्टन से नहीं व्यक्तिगत मतभेद
बैठक के बाद राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने बड़ा दिया। उन्होंने कहा कि कैप्टन के साथ मेरे व्यक्तिगत मतभेद नहीं है। बल्कि ये मतभेद नीतियों और राज्य सरकार द्वारा पूरे नहीं किए गए वादों पर हैं। हमने इस विषय पर विस्तृत चर्चा की है। कैप्टन ने अधूरे वादों को पूरा करने के लिए 12-14 सप्ताह का समय मांगा है, क्योंकि चुनाव को अभी सात महीने हैं।
सिद्धू पर क्या बोले बाजवा
सिद्धू को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष स्वीकार करने के सवाल पर प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि हमने हर जाति-धर्म के लोगों को स्वीकार किया है। चाहे वह जवान हो या बूढ़ा,लंबा हो या छोटा। हमने पहले भी स्वीकार किया था, अब भी करेंगे। पार्टी हाईकमान जो भी फैसला करेगा हम उसका पालन करेंगे। कोई चुनौती नहीं है। नवजोत सिंह सिद्धू सोनिया गांधी से मिलने के बाद शिष्टाचार मुलाकात के लिए आए थे, मैंने उन्हें कोई निर्देश नहीं दिया। सांसदों की बैठक में हमने कृषि मुद्दों और मूल्य वृद्धि पर चर्चा की।
हमने पंजाब में चल रहे किसान आंदोलन और टीकों के आवंटन पर विस्तृत चर्चा की। हम सदन में 'काम रोको प्रस्ताव' पेश करेंगे। हमने पंजाब के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए आगामी संसद सत्र की रणनीति पर भी चर्चा की है। मनीष तिवारी, कांग्रेस सांसद।
क्या हाईकमान के फैसले से आहत हैं अमरिंदर और बाजवा
शनिवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रताप सिंह बाजवा के बीच लगभग डेढ़ घंटे मुलाकात चली। इसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। प्रताप बाजवा और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच मतभेद जगजाहिर हैं। बीते चार साल के दौरान बाजवा कैप्टन के कामकाज पर लगातार उंगली उठाते रहे हैं। लेकिन ताजा सिद्धू प्रकरण पर शनिवार को बाजवा का अचानक सिसवां फार्म हाउस पहुंचकर कैप्टन से मिलना नए समीकरणों की तरफ इशारा कर रहा है।
बाजवा बेअदबी के मामले को लेकर सिद्धू के बयान का समर्थन करते रहे हैं लेकिन उन्हें बड़ा ओहदा दिए जाने को लेकर उन्होंने कभी अपने पत्ते नहीं खोले। कैप्टन और बाजवा, दोनों दिग्गज नेताओं की ताजा मुलाकात को लेकर माना जा रहा है कि दोनों नेता हाईकमान के एकतरफा फैसले से आहत हैं और सीनियर नेताओं को प्रदेश की सियासत से अलग-थलग करने की कोशिश मान रहे हैं। फिलहाल बाजवा ने ताजा घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की है।