ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट की हड़ताल ने जिंदगी की रफ्तार थाम दी है। सब काम ठप है, न दूध मिल रहा और न ही फल सब्जी। ट्रकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। ट्रांसपोर्टरों ने माल की बुकिंग और डिलीवरी का काम पूरी तरह से ठप रखा। इसके अलावा एसोसिएशन की टीमों ने सड़कों पर चल रहे ट्रकों को ऑफ रोड करने की अपील की।
ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रकों का भारी जमावड़ा लग गया है। ड्राइवरों एवं स्टॉफ के लिए गुरुद्वारा साहिब में लंगर का इंतजाम किया गया है। ड्राइवरों से अपील की गई है कि हड़ताल खुलने पर ही अपने गंतव्य की ओर आगे रवाना हों। दाल, सब्जी, फल, गैस सिलेंडर समेत तमाम आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई को फिलहाल हड़ताल से मुक्त रखा गया है।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के कार्यकारिणी सदस्य जनक राज गोयल का कहना है कि संगठन की टीमों ने आज मंडी केसरगंज, बूटेशाह की मंडी एवं गिल रोड स्थित लोहा मंडी इत्यादि इलाकों का दौरा किया।
ट्रक हड़ताल का पंजाब, हरियाणा में अधिक असर
मौजूदा टोल प्रणाली को खत्म करने की मांग पर जारी ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को देश के विभिन्न हिस्सों में वस्तुओं की आपूर्ति बाधित रही। हालांकि दूध, फल-सब्जी और दवाओं जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को हड़ताल के दायरे से बाहर रखा गया है।
हालांकि सरकार पहले ही कह चुकी है कि मौजूदा टोल संग्रह प्रणाली को वापस नहीं लिया जा सकता। ट्रांसपोर्टरों की सर्वोच्च संस्था ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने इस अनिश्चित कालीन देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश में देखा गया। एआईएमटीसी के अध्यक्ष भीम वाधवा ने कहा कि जब तक सरकार हमारी समस्या का समाधान पेश नहीं करती, हम अपनी हड़ताल जारी रखेंगे।