वैसे तो मशहूर है कि पंजाब पुलिस कई बार वारदात के घंटों बाद मौका-ए-वारदात पर पहुंचती है या दूसरे शब्दों में कहा जाए तो वारदात करके अपराधी के निकल जाने पर लकीर पीटती नजर आती है। एक बार फिर रविवार देर रात ग्रीन एवेन्यू में पूर्व कैबिनेट मंत्री के घर लकीर पीटती नजर आई।
मजीठिया की नव वर्ष के मौके पर सचखंड श्री हरमंदिर साहिब की तस्वीरें सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई और आज देर रात मजीठिया के घर के अलावा कई अन्य जगहों पर भी छापेमारी करके मजीठिया को गिरफ्तार किए जाने की कोशिश पुलिस ने की। जानकारी के मुताबिक एडीसीपी सरबजीत सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स देर रात मजीठिया के ग्रीन एवेन्यू स्थित कोठी के बाहर पहुंची।
कोठी का दरवाजा अंदर से बंद था। एडीसीपी सरबजीत सिंह ने सुल्तानविंड थाना प्रभारी, इस्लामाबाद थाना प्रभारी और सदर थाना प्रभारी और एक महिला पुलिस अधिकारी ने मजीठिया की कोठी की जांच की जिम्मेदारी सौंपी। अंदर से दरवाजा खोले जाने के बाद तीनों थाना प्रभारी व कुछ पुलिस कर्मचारी ही कोठी के अंदर गए और कोठी का एक-एक कोना देखा।
इस दौरान एडीसीपी ने पूरी कार्रवाई को देखा और करीब 20 से 25 मिनट तक कोठी के ग्राउंड फ्लोर में स्थित दो बेडरूम, ड्राइंग रूम, किचन व अन्य की तलाशी लेने के बाद कोठी की पहली मंजिल पर बने कमरों व अन्य के भी दरवाजे खुलवा कर जांच की। मजीठिया की गिरफ्तारी को लेकर की गई छापेमारी की पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर समेत सभी सीनियर पुलिस अधिकारियों के मोबाइल फोन बंद रहे। बताया जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों के मोबाइल फोन बंद रखे जाने को लेकर उपर से ही हिदायतें आई थी।