ड्रग तस्करी से जुडे़ मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता एवं विधायक बिक्रम मजीठिया विशेष जांच टीम (एसआईटी) के सामने पेश हुए। करीब ढाई घंटे तक चली पूछताछ में उनसे 85 सवाल पूछे गए। सूत्रों के अनुसार, सवालों की सूची देख मजीठिया भड़क उठे। बाद में अफसरों से बोले-तुम्हारी भी मजबूरी है क्या करोगे। पूछताछ के बाद बाहर निकले मजीठिया ने मीडिया से कहा कि उन पर दर्ज किया गया मामला झूठा व राजनीति से प्रेरित है।
मजीठिया ने कहा कि इस मामले में ईडी की तरफ से अलग से जांच की गई थी। हालांकि ईडी के जिस अधिकारी के बयान उन पर दर्ज की गई एफआईआर में शामिल किए गए हैं, वह खुद भ्रष्टाचार के मामले में चार्जशीट हो चुका है। इसके अलावा उन्होंने कई अन्य जानकारियां बताई हैं। उन्होंने एसआईटी से मांग की है कि सारी जांच सामने लाई जाए।
मजीठिया ने बताया कि उनकी तरफ से एसआईटी को अपना मोबाइल नंबर मुहैया करवा दिया गया है। इसके साथ वह अपनी लाइव लोकेशन पुलिस से साझा करेंगे। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने उन्हें जो आदेश दिए थे, वह उसका पालन कर रहे है।
एसआईटी के 85 सवालों की सूची में 15 से 16 सवाल लेनदेन को लेकर थे। इन सवालों के जवाब में मजीठिया ने कहा कि यह सब मैं सबूत के साथ पहली जांचों के दौरान दे चुका हूं, लेकिन फिर भी मैं इनके उत्तर दूंगा। इस दौरान प्रवर्तन विभाग के भी कुछ अधिकारी मौजूद रहे।
2.5 घंटे हुई पूछताछ की वीडियोग्राफी भी कराई गई। मजीठिया की ओर से भी अधिकारियों के साथ फोटो ली गई। मजीठिया ने अधिकारियों को आश्वासन दिया कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। यदि उन्हें कुछ सवालों के लिखित जवाब भी देने होंगे तो वह जरूर देंगे।