सदन के भीतर और बाहर अकाली दल का प्रदर्शन।
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पंजाब विधानसभा के गुरुवार को शुरू हुए बजट सत्र के पहले दिन अकाली दल के विधायकों ने गले में बिजली के बल्बों का हार पहन कर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। अकाली दल के विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा के बाहर सत्र शुरू होने से पहले पहुंचे अकाली भाजपा विधायकों ने सरकार द्वारा प्रदेश के लोगों को दी जा रही महंगी बिजली के खिलाफ प्रदर्शन किया।
अकाली विधायक सरकार पर बिजली के 4300 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगा रहे थे । इन विधायकों ने हाथों में बैनर पकड़े हुए थे। अकाली दल ने कांग्रेस के साथ ही आम आदमी पार्टी पर भी बिजली के मामले में कांग्रेस का सहयोग करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन करते हुए उन्होंने मांग की कि सरकार 4300 करोड़ के कथित घपले का जवाब दे और लोगों को महंगी बिजली से निजात दिलाएं।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक दल के नेता शरणजीत सिंह ढिल्लों और मजीठिया ने कहा कि कांग्रेस सरकार को बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी तुरंत वापस लेनी चाहिए और चुनाव मेनिफेस्टो में किए वादे के अनुसार घरेलू व औद्योगिक उपभोक्ताओं को 5 प्रति यूनिट बिजली देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री द्वारा बिजली के मामले पर श्वेत पत्र लाने के ऐलान को सिरे से खारिज करते हुए अकाली नेताओं ने कहा कि लोगों को श्वेत पत्र में कोई दिलचस्पी नहीं है उन्हें 5 प्रति यूनिट बिजली चाहिए। अकाली-भाजपा किस आश्रम में 5.25 रुपये प्रति यूनिट बिजली दी जाती थी जबकि अब इसका रेट 9 प्रति यूनिट हो गया है।
इसके बाद अकाली दल ने सदन के भीतर भी उस समय जोरदार नारेबाजी की जब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बहिबलकलां और बरगाड़ी मामले में राज्य सरकार की सुप्रीम कोर्ट में जीत का उल्लेख कर रहे थे। अकाली दल ने बिजली के मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग की और उसे लेकर नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। अकाली दल की नारेबाजी के बीच ही काफी समय तक सदन का कामकाज जारी रहा।