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राजनीति: राज्यसभा के टिकट आवंटन में कांग्रेस की कूटनीतिक चाल, दिग्गजों को अलग-अलग राज्यों से ऊपरी सदन भेजेगी

Sun, 29 May 2022 11:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

कांग्रेस पार्टी अपने दिग्गज नेताओं को अलग-अलग राज्यों से ऊपरी सदन भेजेगी। दिल्ली के माकन हरियाणा से यहां के सुरजेवाला राजस्थान से उम्मीदवार बनाए गए हैं।
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रणदीप सुरजेवाला - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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हरियाणा से राज्यसभा जाने की उम्मीद लगाए नेताओं के लिए कहीं खुशी, कहीं गम वाली स्थिति है। कांग्रेस हाईकमान ने टिकट आवंटन में कूटनीतिक चाल चली है। पार्टी अपने दिग्गज व खासमखास नेताओं को अलग-अलग राज्यों से संसद के ऊपरी सदन में भेजेगी। 

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हरियाणा के वरिष्ठ नेता व एआईसीसी महासचिव रणदीप सुरजेवाला को राजस्थान से और दिल्ली के दिग्गज कांग्रेसी व राजस्थान के प्रभारी अजय माकन को हरियाणा से उम्मीदवार बनाया गया है। अजय माकन भाजपा की तरफ से दूसरा उम्मीदवार न उतारे जाने पर निर्विरोध निर्वाचित हो जाएंगे। मतदान की नौबत आती तो उलटफेर से भी इनकार नहीं किया जा सकता था। क्योंकि, बाहरी उम्मीदवार को लेकर कुछ कांग्रेस विधायक पहले से ही नाखुश थे। वह प्रदेश के ही किसी वरिष्ठ नेता के लिए टिकट चाहते थे।

हरियाणा से राज्यसभा सांसद की दौड़ में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा सबसे आगे थीं, नाम सुरजेवाला का भी चल रहा था। सुरजेवाला तो राजस्थान से समायोजित कर दिए गए, लेकिन सैलजा व समर्थकों के हाथ मायूसी लगी है। सैलजा के अच्छे दिन कांग्रेस में नहीं चल रहे। उम्मीद जताई जा रही थी कि प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है, पर यह नहीं हुआ।
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सुरजेवाला का नाम भी हरियाणा से चल रहा था, लेकिन पार्टी के भीतर विरोध रोकने के लिए उन्हें राजस्थान से टिकट दी गई। वह राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया के साथ ही पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के बेहद करीबी हैं। लंबे समय से वह गांधी परिवार के हर आदेश को मानते आए हैं, चाहे वह जींद उपचुनाव लड़ना ही क्यों न हो। 

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कांग्रेस नेता अजय माकन। - फोटो : सोशल मीडिया
अजय माकन पार्टी की हर अग्निपरीक्षा पर खरे उतरे हैं और बुरे वक्त में भी साथ नहीं छोड़ा। दिल्ली विधानसभा में पार्टी का भले एक भी विधायक नहीं है, बावजूद इसके उन्हें वफ़ादारी का ईनाम मिला है। हरियाणा में कोई इसलिए भी उनका विरोध नहीं कर पाएगा, चूंकि वह हाईकमान की पसंद हैं।

नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा पहले ही अपनी पसंद का प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा में बना चुके हैं, इसलिए राज्यसभा उम्मीदवार के लिए उनकी ज्यादा चलने वाली नहीं थी। वह अंदरखाने आनंद शर्मा को टिकट दिलाने के लिए प्रयासरत थे। सोमवार को हुड्डा ने विधायक दल की बैठक भी बुलाई है, इसमें प्रत्याशी को लेकर कोई विधायक सवाल तो नहीं उठाता है, इस पर निगाहें टिकी रहेंगी।
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