हरियाणा से राज्यसभा जाने की उम्मीद लगाए नेताओं के लिए कहीं खुशी, कहीं गम वाली स्थिति है। कांग्रेस हाईकमान ने टिकट आवंटन में कूटनीतिक चाल चली है। पार्टी अपने दिग्गज व खासमखास नेताओं को अलग-अलग राज्यों से संसद के ऊपरी सदन में भेजेगी।
हरियाणा के वरिष्ठ नेता व एआईसीसी महासचिव रणदीप सुरजेवाला को राजस्थान से और दिल्ली के दिग्गज कांग्रेसी व राजस्थान के प्रभारी अजय माकन को हरियाणा से उम्मीदवार बनाया गया है। अजय माकन भाजपा की तरफ से दूसरा उम्मीदवार न उतारे जाने पर निर्विरोध निर्वाचित हो जाएंगे। मतदान की नौबत आती तो उलटफेर से भी इनकार नहीं किया जा सकता था। क्योंकि, बाहरी उम्मीदवार को लेकर कुछ कांग्रेस विधायक पहले से ही नाखुश थे। वह प्रदेश के ही किसी वरिष्ठ नेता के लिए टिकट चाहते थे।
हरियाणा से राज्यसभा सांसद की दौड़ में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा सबसे आगे थीं, नाम सुरजेवाला का भी चल रहा था। सुरजेवाला तो राजस्थान से समायोजित कर दिए गए, लेकिन सैलजा व समर्थकों के हाथ मायूसी लगी है। सैलजा के अच्छे दिन कांग्रेस में नहीं चल रहे। उम्मीद जताई जा रही थी कि प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है, पर यह नहीं हुआ।
सुरजेवाला का नाम भी हरियाणा से चल रहा था, लेकिन पार्टी के भीतर विरोध रोकने के लिए उन्हें राजस्थान से टिकट दी गई। वह राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया के साथ ही पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के बेहद करीबी हैं। लंबे समय से वह गांधी परिवार के हर आदेश को मानते आए हैं, चाहे वह जींद उपचुनाव लड़ना ही क्यों न हो।