हरियाणा के हिसार और भिवानी में एक्यूआई 470 वहीं पंजाब में अमृतसर का एक्यूआई 362, बठिंडा का एक्यूआई 333 आंका गया है। हालांकि, हिमाचल और पंजाब के कुछ हिस्सों में 15 नवंबर के बाद बारिश की संभावना बन रही है। यदि बारिश या हवा की दिशा में बदलाव आता है तो इससे प्रदूषण से राहत मिलेगी।
इसलिए जहरीली हो रही शहर की हवा
बारिश के बाद अब दोबारा से स्थानीय प्रदूषण के कण बढ़ने लगे हैं। आसपास पराली जलाए जाने की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। दूसरी तरफ, तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। इससे वायुमंडलीय सतह नीचे आई। इस वजह से प्रदूषण के कण ऊपर जाने के बजाय नीचे रह रहे हैं। अब भी चंडीगढ़ की कई सड़कें टूटी हैं। इनसे जब भी वाहन गुजरते हैं तो उसे धूल उड़ती है। सड़क पर टायरों के घिसने से जो कण निकलते हैं, उससे प्रदूषण बढ़ता है।