पंजाब पुलिस के एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। डीजीपी गौरव यादव ने मंगलवार को बताया कि विदेश में बैठे इस आतंकी मॉड्यूल के मुख्य हैंडलर इकबालप्रीत सिंह उर्फ बुच्ची के कहने पर पंजाब में टारगेट किलिंग को अंजाम देने वाले किलर रमनदीप बग्गा उर्फ कैनेडियन के चार गुर्गों को एजीटीएफ ने सोमवार को दबोचा है।
इस गिरोह का भारत में मुख्य सरगना रमनदीप बग्गा उर्फ कैनेडियन इस समय तिहाड़ जेल में यूएपीए धाराओं के तहत बंद है। आरोपी मुख्य सरगना रमनदीप बग्गा ने पंजाब में वर्ष 2016 और 17 में कई टारगेट किलिंग को बुच्ची के कहने पर अंजाम दिया था।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पकड़े गए चार आरोपियों में गुरविंदर उर्फ शेरा भी शामिल है, जिसने वर्ष 2022 में पंजाब में कई टारगेट किलिंग को अंजाम दिया था। वह बेल पर बाहर था और इकबालप्रीत बुच्ची के कहने पर टारगेट किलिंग को अंजाम दिया था, इसके लिए बुच्ची ने शेरा को 1.50 लाख रुपये दिए थे। इसके अलावा पकड़े गए तीन अन्य आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह निवासी पटियाला, रणजीत सिंह उर्फ सोनू और जगजीत सिंह उर्फ जश्न दोनों निवासी पट्टी तरनतारन के तौर पर हुई है। पुलिस टीमों ने इन चारों आरोपियों के कब्जे से तीन पिस्तौल सहित 13 कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा महिंद्रा स्कॉर्पियो कार भी जब्त की है।
मारे गए आतंकी निज्जर के संपर्क में था बुच्ची, आरोपियों को ऐसे दबोचा
एजीटीएफ को खुफिया इनपुट मिले। इन पर कार्रवाई करते हुए एडीजीपी प्रमोद बान के नेतृत्व में एजीटीएफ की टीमों ने राजपुरा के लिबर्टी चौक में नाका लगाया। एआईजी गुरमीत सिंह चौहान और एआईजी संदीप गोयल की निगरानी और डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने इन आरोपियों को काबू किया। जब वह अपनी महिंद्रा स्कॉर्पियो में जा रहे थे।
एजीटीएफ की पूछताछ में गुरविंदर शेरा ने खुलासा किया कि इकबालप्रीत बुच्ची ने अपने गिरोह को फिर संगठित कर लिया था और सीमावर्ती जिलों में अमन-शांति को भंग करने के लिए पंजाब में सनसनीखेज वारदातों को अंजाम देने की योजना बना रहा था। इकबालप्रीत बुच्ची मारे गए आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर के संपर्क में था और रमनदीप बग्गा उर्फ कैनेडियन जो 2016- 2017 के दौरान टारगेट करके कत्ल की हुई 7 वारदातों में मुख्य शूटर था और जिसपर कत्ल, आर्म्स एक्ट आदि के साथ संबंधित 11 आपराधिक केस चल रहे हैं। एआईजी संदीप गोयल ने कहा कि इस कट्टरपंथी ग्रुप में और शातिरों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।