कृषि कानून के विरुद्ध रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी का धरना नौवें दिन में दाखिल हो गया। जंडियाला गुरु के गांव देवीदासपुर के ट्रैक पर बैठे किसानों ने काले कपडे़ पहन कर शिअद (ब) अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले फूंककर नारेबाजी की। वहीं 31 किसान संगठनों ने दूसरे दिन भी भाजपा सांसद श्वेत मलिक की कोर्ट रोड स्थित कोठी के बाहर धरना प्रदर्शन जारी रखा।
फिरोजपुर में किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में शुक्रवार को काले कपड़े पहनकर अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ नारेबाजी कर पुतले फूंके। किसानों ने आरोप लगाया कि तीनों राजनीतिक पार्टियां पंजाब में चल रहे किसानों के आंदोलन का सियासीकरण कर रही हैं।
इसके अलावा किसानों ने छावनी रेलवे स्टेशन पर कब्जा कर वहां पक्के तौर पर धरना शुरू कर दिया। पटियाला में खेती कानूनों के खिलाफ गांव धबलान के रेलवे स्टेशन पर ट्रैक जाम करके किसानों द्वारा लगाया पक्का धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। साथ ही पातड़ां के न्याल में एक पेट्रोल पंप को घेरकर भी धरना जारी रहा।
बठिंडा में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष की अगुवाई में आप कार्यकर्तओं ने एक मॉल का घेराव कर नारेबाजी की। वहीं दूसरी तरफ पंजाब सतिकार सभा कमेटी के सदस्य लक्खा सिधाना भी मॉल के आगे धरना लगाने पहुंचे। केंद्र सरकार की ओर से पारित कृषि कानून के विरोध में ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन बटाला भी किसानों के समर्थन में उतर आई है। शुक्रवार को एजेंट एसोसिएशन बटाला की ओर से प्रधान मलकीत सिंह सेखवां के नेतृत्व में जीटी रोड पर स्थित गांधी चौक पर रोष प्रदर्शन किया गया।
मुक्तसर, गुरदासपुर और संगरूर में कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए शुक्रवार को दूसरे दिन भी किसान जत्थेबंदियों ने रेलवे स्टेशन और रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। वहीं भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने संगरूर-धूरी रोड पर स्थित गांव लड्डा में टोल प्लाजा पर धरना दिया। इस दौरान टोल प्लाजा के एक तरफ से बिना टोल अदा किए वाहन गुजरते रहे।
वहीं अमलोह के विधायक रणदीप सिंह नाभा ने कार्यकर्ताओं के साथ शुक्रवार को कृषि कानून के खिलाफ अमलोह बस स्टैंड से मंडी गोबिंदगढ़ मुख्य चौक तक ट्रैक्टर रैली निकाली। विधायक रणदीप सिंह ने कहा कि मैं जिंदगी च पैहली वार काली पग्ग किसाना करकै बन्नी आ... मैं किसानों की आवाज को दबने नहीं दूंगा। अगर केंद्र सरकार से कृषि कानून में कोई कमी रह गई है तो इसमें संशोधन करना चाहिए। इसे दोबारा संसद में लाकर बहस के बाद ही लागू किया जाए और केंद्र सरकार एमएसपी जारी रखने की गारंटी भी दे सकती है।
सांसद मलिक के घर के बाहर किसानों का धरना जारी
किसानों के 31 संगठनों ने दूसरे दिन भी भाजपा सांसद श्वेत मलिक की कोर्ट रोड स्थित कोठी के बाहर धरना प्रदर्शन जारी रखा। किसानों ने सड़क पर कारपेट बिछाकर धूप से बचने के लिए शामियाने भी लगा लिए। किसान संघर्ष कमेटी के नेता कंवलप्रीत सिंह पन्नू ने कहा कि जब तक भाजपा नेता किसान विरोधी कानून पर किसानों के पक्ष में नहीं उतरते, उनके घरों के बाहर प्रदर्शन जारी रहेगा।