पंजाब में आखिरकार त्रिकोणीय गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है। अब तक शिरोमणि अकाली दल के साथ छोटे भाई की भूमिका में रहने वाले इस नए गठबंधन में भाजपा बड़े भाई की भूमिका में दिखेगी। गठबंधन में भाजपा, पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) और शिअद संयुक्त के बीच बनी सहमति के बाद भाजपा को 60, पीएलसी को 40 और शिअद संयुक्त को 12 सीटें आवंटित हुई हैं। पांच विधानसभा सीटों को अभी सुरक्षित रखा गया है। पहली सूची जारी होने के बाद इन पर फैसला लिया जाएगा।
लोक इंसाफ पार्टी चलाने वाले बैंस ब्रदर्स भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि सुरक्षित रखी गईं पांच सीटें बैंस ब्रदर्स को आवंटित की जाएंगी। जल्द ही इसको लेकर गठबंधन के सभी साथियों की ओर से सूचना जारी कर दी जाएगी।
त्रिकोणीय गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर 6 सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। इसमें भाजपा की ओर से पंजाब भाजपा के महासचिव डा. दिनेश शर्मा, पीएलसी की ओर से कैप्टन के बेटे रणइंदर और शिअद संयुक्त की ओर से ढींडसा के करीबी नेता शामिल हुए थे। कमेटी ने सीट बंटवारे को लेकर 10 से ज्यादा बैठकें की।
24 साल पुराना गठबंधन टूटने के बाद भाजपा ने फिर से शिअद को गठबंधन का न्योता दिया था। भाजपा के नेताओं ने कहा था कि अब तक हमेशा शिअद बड़े भाई की भूमिका में रहती थी, लेकिन अब नए गठबंधन के तहत शिअद को छोटे भाई की भूमिका में आना होगा। भाजपा के इस न्योते को शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सिरे से खारिज कर दिया था।