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Chandigarh News: लाल डोरे के बाहर पानी का कनेक्शन देने का एजेंडा पास

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चंडीगढ़। नगर निगम सदन ने एक बार फिर लाल डोरे के बाहर रहने वाले लोगों को पानी के कनेक्शन देने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया है, लेकिन लागू कराना भाजपा के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। पहले भी यह एजेंडा पास हो चुका था, लेकिन प्रशासन ने लागू करने से मना कर दिया था। चर्चा के दौरान सभी पार्षदों ने कहा कि लागू होने के बाद लोगों को काफी राहत मिलेगी और निगम को भी राजस्व प्राप्त होगा। पार्षद तरुणा मेहता ने पूछा कि प्रशासन से कैसे मंजूरी दिलाई जाएगी। मेयर हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि उनकी प्रशासक से बात हुई है। इस बार इसे लागू कराया जाएगा।
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पार्षद सुमन, जसविंदर कौर, हरजीत सिंह, कुलजीत संधू ने कहा कि वह पिछले काफी समय से इसकी मांग कर रहे थे। उनके वार्ड में रहने वाले कई लोगों को लाभ मिलेगा। पार्षद राजिंदर शर्मा ने कहा कि निगम पहले यह स्पष्ट कर ले कि टेंपरेरी कनेक्शन देने पर लोगों को बिल कितना चुकाना होगा, क्योंकि टेंपरेरी कनेक्शन में सामान्य रेट से दोगुना चुकाना पड़ता है। इसके अलावा न्यूनतम 100 किलोमीटर का रेट भी लगता है। इस मुद्दे पर वाटर कमेटी में भी चर्चा की जाएगी।
आयुक्त बोले- टेंपरेरी कनेक्शन का इस्तेमाल आवासीय पते के लिए नहीं किया जा सकेगा
आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि जो टेंपरेरी कनेक्शन दिए जाएंगे, उसका इस्तेमाल आवासीय पते के लिए नहीं किया जा सकेगा। बता दें कि इससे पहले 2021 में सदन से एजेंडा पास हो चुका है लेकिन प्रशासन ने इसे लागू नहीं किया। कहा था कि वाटर बायलॉज इसकी मंजूरी नहीं देता है।
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प्रशासन ने कानूनी राय लेने के बाद कर दिया था मना
लाल डोरे के बाहर पानी का कनेक्शन मिलना आसान नहीं है। निगम से पास होने के बाद अगले महीने इस बैठक के मिनट्स को मंजूरी दी जाएगी। उसके बाद प्रस्ताव बनाकर प्रशासन को भेजा जाएगा। पहले भी प्रशासन मना कर चुका है। कानूनी सलाह भी ली थी, क्योंकि निगम ने तर्क दिया था कि बिजली विभाग ने भी उन लोगों को बिजली का कनेक्शन दिया है। ऐसे में पानी का कनेक्शन भी मिलना चाहिए। कानूनी विभाग ने बायलॉज व अन्य एक्ट के अध्ययन के बाद जवाब दिया था कि लाल डोरे के बाहर पानी का कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। इसलिए, अब प्रशासन से मंजूरी दिलाना बड़ी चुनौती है। अगर प्रशासन मंजूरी देता है तो 22 गांव में 2500 से ज्यादा लोगों को कनेक्शन मिलेंगे।

न मंडी साइट के रेट बढ़ाए, न वेंडर के जुर्माने की फीस
निगम अपने वित्तीय संकट को दूर करने के लिए डे मार्केट में दुकान लगाने वालों की फीस 100 रुपये से 200 रुपये करने की योजना बनाई थी, इसे भी पार्षदों ने पास नहीं किया और मंडी कमेटी को भेज दिया। इसके अलावा, अवैध वेंडरों पर लगने वाले जुर्माने की राशि को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये करने के प्रस्ताव को भी रद्द कर दिया गया। इसमें 5000 रुपये इंफोर्समेंट विंग की गाड़ी, लेबर व अन्य खर्चे भी जोड़े गए थे। दूसरी बार 6000 रुपये का चालान और तीसरी बार में सामान ही जब्त करने का प्रस्ताव था। पार्षदों ने कहा कि इससे भ्रष्टाचार और बढ़ जाएगा। जो दुकानें सेटिंग से चल रही हैं, वो चलती रहेंगी और कार्रवाई के नाम पर ब्लैकमेलिंग बढ़ सकती है।
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