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प्रोटोकॉल ट्रेनिंग पर ही मिलेगा प्रधानमंत्री मोदी संग योग करने का मौका

Thu, 05 May 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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योग करते बच्चे।
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वर्ल्ड योग डे पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ योगा करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए प्रोटोकॉल ट्रेनिंग करना होगा। मन से योग प्रोटोकाल ट्रेनिंग करने वाले को ही नमो (नरेंद्र मोदी) के साथ योग आसन करने का मौका मिलेगा। योग शिक्षक क्लास में आने वाले हर अभ्यर्थी की डेली रिपोर्ट तैयार करेगा। बकायदा सभी की अटेंडेंस होगी।
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योग प्रोटोकॉल ट्रेनिंग को मन से करने वाले को ही कैपिटल कांप्लेक्स में आयोजित होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में प्रवेश मिलेगा। बिना योग प्रोटोकॉल ट्रेनिंग वाले लोगों को शहर में निर्धारित दूसरे स्थानों पर योग करने का मौका मिलेगा। उन्हें मुख्य कार्यक्रम में प्रवेश नहीं मिलेगा।

 योग प्रोटोकॉल ट्रेनिंग करने वालों को मुख्य कार्यक्रम में प्रवेश के लिए आई कार्ड जारी किया जाएगा। साथ ही निजी कोड भी दिया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल फोरम में होगी। ट्रेनिंग के लिए शहर में जगह-जगह स्थान तय किए जाएंगे। कम्युनिटी सेंटरों, पार्कों और सुखना लेक जैसे स्थानों पर यह ट्रेनिंग होगी। यूटी प्रशासन ने कैपिटल कांप्लेक्स में आयोजित होने जा रहे कार्यक्रम की अपने स्तर पर सभी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस कार्यक्रम के लिए गठित की गई को-ऑर्डिनेशन कमेटी की पहली मीटिंग बुधवार को एडवाइजर परिमल राय की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस मीटिंग में यूटी प्रशासन के अधिकारियों के साथ योग संबंधी संस्थाओं और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
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 योग प्रोटोकॉल ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी 1000 योग शिक्षकों की होगी। इससे पहले इन शिक्षकों को प्रशासन सप्ताह भर का आरियंटेशन कोर्स कराएगा। 9 मई से यह कोर्स शुरू हो जाएगा। यही शिक्षक शहर में जगह-जगह निर्धारित स्थानों पर लोगों को ट्रेनिंग देंगे।

अधिकारियों की भी होगी योग ट्रेनिंग: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में योग से जुड़े संस्थानों के साथ रक्षा क्षेत्र के वालंटियर्स भी जुटेंगे। सेना, वायुसेना और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी योग करेंगे। 12 हजार से ज्यादा वालंटियर्स इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। को-आर्डिनेशन मीटिंग में रक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधि भी जुटे। यूटी प्रशासन के सभी अधिकारी और कर्मचारी भी योग कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। अधिकारियों की भी योग प्रोटोकॉल ट्रेनिंग होगी।

रिकॉर्ड तोड़ने का नहीं इरादा: प्रशासन का दिल्ली में आयोजित हुए पहले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का रिकॉर्ड तोड़ने का कोई इरादा नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि उनका मुख्या उद्देश्य कार्यक्रम को सफल बनाना है। जितने लोग व्यवस्थित तरीके से योग कर सकेंगे उतने ही शामिल होंगे। दिल्ली में एक साथ 36 हजार लोग जुटे थे जो गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना था।
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यहां से जुटेंगे इतने वालंटियर्स
ब्रह्मऋषि मिशन    -    5 हजार
इशा फाउंडेशन    -    5 हजार
आर्ट ऑफ लिविंग    -    5 हजार
पतंजलि योग पीठ    -    12 हजार (जिसमें 5 हजार हरियाणा, 5 हजार चंडीगढ़, 2 हजार पंजाब)
आर्मी के जवान और अधिकारी    -    10 हजार
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