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सीएचबी के गले की फांस बनी किफायती किराया आवासीय योजना

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने सेक्टर-52 और 56 की टीन कॉलोनी में रहने वाले 1708 परिवारों को किफायती किराया आवासीय योजना के तहत मलोया में मकान दिया है। ये मकान 3000 रुपये प्रति महीने किराए पर दिए गए, लेकिन इनका किराया वसूलना अब सीएचबी के लिए सिर का दर्द बन गया है। ज्यादातर आवंटी पिछले कई महीने से किराया नहीं जमा करा रहे हैं। सीएचबी का कुल 3 करोड़ 5 लाख रुपये बकाया है।
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नवंबर 2020 में सीएचबी ने सेक्टर-52 और 56 की टीन कॉलोनी को तोड़कर वहां रहने वाले करीब 1708 परिवारों को मलोया में स्मॉल फ्लैट आवंटित कर दिया। इन मकानों में रहने के लिए 3000 रुपये का मासिक किराया तय किया गया। बिजली-पानी का बिल अलग। लोगों के सामने कोई विकल्प नहीं रखा गया है, इसलिए लगभग सभी ने मलोया में किराए पर मकान ले लिया। अब यही योजना सीएचबी के साथ कई लोगों के गले की हड्डी बन गई है।
मलोया के मकानों में रहने वाले ज्यादातर लोगों का कहना है कि मकान का किराया, बिजली और पानी का बिल मिलाकर हर महीने 4000 रुपये से ज्यादा देने पड़ रहे हैं, जो बहुत ज्यादा है। यही वजह है कि 1708 में से 1236 आवंटी ऐसे हैं, जिन्होंने कई महीने से किराया नहीं जमा कराया। बकाया राशि 10 हजार रुपये से ज्यादा हो गई है। सीएचबी ने किराया वसूलने के लिए इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 23 मार्च से पहले किराया जमा कराने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में कहा है कि अगर 23 मार्च से पहले बकाया किराया जमा नहीं किया तो मकानों का आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सभी आवंटियों की कुल राशि 3 करोड़ से ज्यादा हो गई है।
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487 फ्लैट खाली, लेकिन लोगों को नहीं दे रहे
मलोया में दो योजनाओं के तहत लोगों को मकान दिए गए हैं। एक पुनर्वास योजना है, जिसके तहत करीब 2300 परिवारों को मकान मिला है। इनसे 800 रुपये प्रति महीने किराया लिया जा रहा है। दूसरा किफायती किराया आवासीय योजना (एआरएचएस) है, जिसके तहत 3000 रुपये प्रति महीना किराया लिया जाता है। एआरएचएस के तहत 2195 मकान सीएचबी ने आरक्षित किए हैं, इसमें से 1708 का आवंटन हो चुका है, लेकिन 487 फ्लैट अभी भी खाली हैं। शहर के विभिन्न कॉलोनियों में रहने वाले वो लोग, जिनके पास बायोमेट्रिक सर्वे के दस्तावेज हैं, लेकिन किन्हीं कारण स्मॉल फ्लैट योजना में मकान नहीं मिला, वो एआरएचएसके तहत मकान देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन के अधिकारी अनसुना कर रहे हैं।
---वर्जन---
सीएचबी की तरफ से उन सभी आवंटियों को नोटिस भेजा गया है, जो पिछले काफी समय से किराया नहीं जमा करा रहे हैं। सभी को किराया जमा कराने के लिए 23 मार्च तक का समय दिया गया है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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- यशपाल गर्ग, सीईओ, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड
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