पीजीआई में चार महीने में सस्ती ब्रांडेड दवाएं मिलने लगेंगी। रविवार को पीजीआई की इंस्टीट्यूट बॉडी (आईबी) की मीटिंग में संस्थान में मरीजों को ब्रांडेड दवाएं सस्ते रेट पर उपलब्ध कराने का मुद्दा छाया रहा।
आईबी के सदस्य व आनंदपुर साहिब से सांसद प्रोफेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा व अन्य लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के सामने मुद्दा उठाया कि मरीजों को काफी महंगी दवाएं मिलती हैं।
इस मौके पर पीजीआई के डायरेक्टर योगेश चावला ने कहा कि संस्थान अपनी दुकान खोलने की तैयारी में है। प्रक्रिया चल रही है। तीन से चार महीने में शॉप खुल जाएगी।
इससे पहले सदस्यों ने कहा कि केमिस्ट शॉप का किराया बहुत ज्यादा है। इस किराए की वसूली केमिस्ट शॉपकीपर्स मरीजों से करते हैं। उन्होंने यह भी सुझाव रखा कि यहां एम्स की तर्ज पर दुकानों के किराए कम कर दिए जाएं।
सीनियर सिटीजन के लिए इवनिंग ओपीडी
पीजीआई के अश्विनी मुंजाल ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने सीनियर सिटीजन के लिए इवनिंग ओपीडी खोलने की मांग रखी। उनका कहना है कि यहां सीनियर सिटीजन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
इसके अलावा इमरजेंसी में ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों के नाम और उनके मोबाइल नंबर पर एक साइन बोर्ड पर डिस्प्ले होने चाहिए। इस पर नड्डा ने कहा कि वे जल्द इस पर विचार करेंगे।
किरण नहीं गईं रोबोटिक केंद्र
जब नड्डा नेहरू ब्लॉक में स्थित रोबोटिक केंद्र का उद्घाटन करने गए तो उनके साथ सांसद किरण खेर भी थीं। केंद्र में अंदर जाने के लिए जूते पर स्पेशल कवर पहनना पड़ता है।
नड्डा ने जूते पर कवर पहन लिया और अंदर चले गए, लेकिन जब किरण की बारी आई तो उन्होंने कवर पहनने से मना कर दिया और वे अंदर नहीं गई। उनका कहना था कि वे पहले देख चुकी हैं।
पीजीआई व जीएमसीएच-32 में सुविधाएं बढ़ाने की मांग
स्वास्थ्य मंत्री के आने पर कई लोगों ने ज्ञापन सौंपे। इसमें पीजीआई के डॉक्टर वीरेंद्र सिंह भी शामिल रहे। उन्होंने हेडशिप का मुद्दा उठाया। इसके अलावा नर्सिंग यूनियन के प्रेसिडेंट लखविंदर सिंह ने नर्सों से जुड़े कई मुद्दों पर डिमांड उन्हें सौंपी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन व अन्य नेताओं ने पीजीआई व जीएमसीएच-32 में कई सुविधाएं बढ़ाने की मांग की।
पंजाब में सेटेलाइट सेंटर खुलें : चंदूमाजरा
बैठक में चंदूमाजरा ने कहा कि पीजीआई में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में पंजाब में पीजीआई के और अधिक सेटेलाइट सेंटर खोले जाने चाहिए। खासकर पीजीआई के साथ लगते इलाकों में।
चंदूमाजरा ने आनंदपुर साहिब में जगह मुहैया कराने की बात भी कही। एम्स के पूर्व डायरेक्टर संतोष कक्कड़ ने बताया कि इंस्टीट्यूट बॉडी के कई मुद्दे थे, अधिकतर मुद्दों पर मुहर लग चुकी है। उन्होंने बताया कि मुख्य मुद्दा सस्ती दवाओं व सेटेलाइट सेंटर का ही रहा।
जेपी नड्डा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पीजीआई के काफी इशू पेंडिंग थे। वह क्लीयर कर दिए गए हैं। इससे पीजीआई और आगे बढ़ेगा। जिसका सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा।