एस्टेट ऑफिस के कार्यों में सुधार लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सांसद किरण खेर की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन हुआ था। इस कमेटी ने पिछले वर्ष कई बैठकें की और प्रशासन को अपने सुझाव सौंपे। बुधवार को प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने इन सिफारिशों को लेकर एक बैठक की और इन्हें लागू करने का फैसला लिया गया। तय हुआ कि एक सिफारिश को छोड़ अन्य सभी को 30 अप्रैल से पहले शहर में लागू कर दिया जाएगा।
प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने बताया कि प्रशासक के साथ हुई बैठक में कमेटी की तरफ से दी गई सिफारिशों पर विस्तार से चर्चा हुई और इन सभी को लागू करने का फैसला लिया गया है। आवंटित व्यावसायिक लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने का मामला, केंद्रीय गृह मंत्रालय में लंबित है। इसे छोड़ अन्य सभी सिफारिशों को 30 अप्रैल तक लागू किया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
धर्मपाल ने कहा कि इन सिफारिशों के लागू होने के बाद एस्टेट ऑफिस के कार्यों में सुधार होगा और लोगों के काम तय समय में जल्दी हो सकेंगे। दरअसल, विभाग की सभी सेवाओं को आसान बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस कमेटी का गठन किया गया है। 11 सदस्यीय इस समिति में चंडीगढ़ के मेयर, डिप्टी कमिश्नर, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग, चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया, सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सचिव आरके पोपली, असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर, नगर निगम एस्टेट ऑफिसर, फाइनेंस एंड प्लानिंग ऑफिसर और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद शामिल हैं।
यह सिफारिश जो 30 अप्रैल तक होगी लागू
को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी व एस्टेट ऑफिस के प्रॉपर्टी में भी लगने वाले अनअर्जित लाभ को कम करने की सिफारिश कमेटी ने की है। वर्तमान में 33.33 प्रतिशत यानी एक तिहाई के हिसाब से संपत्ति की खरीद-बिक्री पर अनअर्जित लाभ लगाया जाता है, जिसे कम करके एक चौथाई या 20 से 25 प्रतिशत तक करने सिफारिश की गई है।
व्यावसायिक साइटों की लीज होल्ड से फ्री होल्ड कन्वर्जन
शहर में जो व्यावसायिक प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं, उन्हें फ्री होल्ड करने का मामला पिछले काफी समय से केंद्रीय गृह मंत्रालय में लंबित है। इस संबंध में सिफारिश की गई है कि प्रशासक को इस बारे में फैसला लेने की पावर मिले, ताकि जल्द कोई फैसला हो सके।
लीज होल्ड राइट्स ट्रांसफर करने, म्यूटेशन और नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट
एस्टेट ऑफिस ने अपनी कई सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है। इसके तहत नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट और म्यूटेशन के लिए लोग ऑनलाइन ही आवेदन कर सकते हैं। सिफारिश की गई है कि इन ऑनलाइन व्यवस्था की निगरानी सही से की जाए।
सीएचबी मकानों में जरूरत के अनुसार किए बदलाव
सीएचबी के मकानों में जरूरत के अनुसार किए बदलावों को मंजूर करने की काफी समय से मांग की जा रही है। सिफारिश की गई है कि इसको नियमित करने के लिए एक शुल्क तय किया जाए।