-नियमित आधार पर करेंगे जिलास्तर पर बैठक
-जिलास्तरीय रिपोर्ट राज्यस्तर पर देनी होगी, उसके आधार पर सरकार लेगी फैसले
-मुख्य सचिव संजीव कौशल ने जारी किए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जिला काॅओर्डिनेटर की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रशासनिक सचिव अब ग्राम पंचायत योजनाओं के क्रियान्वयन की भी निगरानी करेंगे। इसके लिए सरकार ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने जिला कॉओर्डिनेटर के साथ-साथ जिलास्तर पर ग्रुप ए के अधिकारियों को ग्राम संरक्षक भी नियुक्त किया है। जिला कॉओर्डिनेटर ग्राम संरक्षकों के साथ नियमित बैठकें करके जिलास्तर पर ग्राम पंचायतों के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। बैठक के बाद ये प्रशासनिक सचिव जिले के सहयोग से जिला स्तरीय रिपोर्ट तैयार करेंगे और समीक्षा के लिए पोर्टल के माध्यम से रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। राज्य स्तरीय संचालन समिति इन जिला कॉर्डिनेटर द्वारा प्रस्तुत सभी रिपोर्टों का गहन मूल्यांकन करेगी और राज्य स्तर पर सिफारिशों को अंतिम रूप देगी। आगे की कार्रवाई के लिए यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी जाएगी।
मुख्य सचिव संजीव कौशल ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में ग्राम पंचायत योजनाओं को सुशासित करना और प्रभावशाली बनाना है। निर्देशों के अनुसार प्रशासनिक सचिव जो जिला-कोऑर्डिनेटर भी हैं, वे अब ग्राम संरक्षकों के साथ नियमित आधार पर जिला स्तर की बैठकों की समीक्षा करेंगे और आवश्यक कार्रवाई भी करेंगे। ग्राम संरक्षक अपने दौरे के दौरान ग्राम पंचायत योजनाओं की निगरानी के अलावा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में आमजन को जागरूक भी करेंगे। साथ ही वे ग्राम संरक्षण योजना के सभी मानदंडों की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे। यह रिपोर्ट आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित जिला कॉओर्डिनेटर के साथ साझा की जाएगी। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों से ग्राम संरक्षण योजना को पुनर्जीवित करने और योजना के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रगति में तेजी लाने को कहा है। प्रदेश के सभी संबंधित प्रशासनिक सचिवों और डीसी को ये निर्देश जारी कर दिए हैं।