चंडीगढ़। बीते 9-10 जुलाई को भारी बारिश से सुखना चो ओवरफ्लो हो गई। इसकी वजह से शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। कई पुल टूट गए। शहर में काफी नुकसान हुआ। इससे सबक लेते हुए प्रशासन ने फैसला किया है कि सुखना चो की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। उसके अंदर से मिट्टी निकाली जाएगी। इसके साथ ही किनारों को भी मजबूत किया जाएगा।गृह सचिव नितिन कुमार यादव ने बताया कि सुखना चो को उसकी वास्तविक गहराई तक साफ किया जाएगा। जो मिट्टी भर गई है, उसे निकाला जाएगा। चो को वास्तविक गहराई से ज्यादा गहरा नहीं किया जा सकता, क्योंकि ऐसा किया तो वह माइनिंग एक्ट के अंदर आएगा और उसमें एनवायरनमेंट समेत कई तरह की सर्टिफिकेशन और मंजूरी लेने की जरूरत पड़ेगी इसलिए प्रशासन ने फैसला लिया है कि जो सुखना चो की वास्तविक गहराई है, वहां तक सुखना की खोदाई की जाएगी और जो उससे मिट्टी निकलेगी उसे डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड में इस्तेमाल किया जाएगा, क्योंकि वहां पर मिट्टी की जरूरत है। तय हुआ है कि यूटी प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग मिट्टी की खुदाई कराएगा और फिर नगर निगम की गाड़ियां उसे डंपिंग ग्राउंड तक ले जाएंगी। नितिन यादव ने कहा कि सुखना चो के सभी किनारों को मजबूत करने का काम किया जाएगा। इसके लिए पेड़ व पत्थर लगाने आदि का काम किया जाएगा।
चो के किनारों को भी किया जाएगा मजबूत
गृह सचिव ने बताया कि बरसात से पहले वन विभाग ने जहां-जहां सुखना चो के किनारों को मजबूत किया। इस बारिश में उनमें से एक को भी नुकसान नहीं पहुंचा है। ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि कुछ जगहों पर सुखना चो की लेवल मॉनीटरिंग के लिए डिवाइस लगाए गए थे। उन डिवाइस को लगाने के लिए सुखना चो के किनारों को मजबूत किया गया था, वे सभी बच गए। इसलिए अब बाकी जगह भी इस कार्य को किया जाएगा ताकि भविष्य में भीषण बारिश पर चो के किनारों को नुकसान न हो।