लोंगोवाल में किसान मौत प्रकरण में बुधवार को शाम को किसान संगठनों और प्रशासन के बीच सहमति बन गई है। इसकी औपचारिक जानकारी धरने में किसान प्रतिनिधियों ने दी। दिलबाग सिंह और जसविंदर सिंह ने बताया कि संगरूर में आईजी एमएस छीना समेत कई अधिकारियों से लोंगोवाल प्रकरण पर सहमति बन गई है।
किसान व पुलिस की ओर से किसी भी पक्ष के खिलाफ कारवाई नहीं की जाएगी। किसानों के खिलाफ दर्ज मामले रद्द होंगे। हिरासत में लिए किसान रिहा होंगे। जान गंवाने वाले किसान प्रीतम सिंह के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाएगी। किसानों के वाहनों के नुकसान की भरपाई सरकार करेगी। गंभीर रूप में घायलों को दो लाख रुपये और सामान्य घायलों को एक लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। किसान नेताओं ने कहा कि 16 किसान संगठन अन्य मांगों को लेकर अपना धरना जारी रखेंगे। बाढ़ पीड़ितों को राहत देने समेत फसलों के उचित दाम देने की मांग अभी शेष है।
एकता उगराहां ने निकाला रोष मार्च
उधर, विपक्ष ने इस मामले में सरकार को घेरना शुरू किया है। करीब तीन दर्जन किसान व मजदूर संगठनों ने समर्थन देने का एलान किया। इतना ही नहीं मालवा में सबसे सक्रिय किसान यूनियन भाकियू एकता उगराहां ने संगरूर में विशाल रोष मार्च निकाला और सरकार को घेरा। बता दें कि उगराहां यूनियन का गढ़ संगरूर है। इसके अलावा भाकियू सिद्धूपुरा समेत कई अन्य संगठनों ने भी सरकार का विरोध किया।
बुधवार को भी लोंगोवाल में भीषण गर्मी के बावजूद आंदोलन में हजारों की संख्या में किसान, मजदूर और महिलाओं ने हिस्सा लिया। करीब तीन दर्जन किसान और मजदूर संगठनों ने आंदोलन का समर्थन कर प्रदेश सरकार को घेरा। इस दौरान किसानों ने अपनी मांगों को दोहराया। हालांकि बाद में किसानों और प्रशासन के बीच सहमति बन गई है।