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'सेल्फी विद डॉटर' शुरू करने वाले सुनील जागलान ने लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का अभियान किया शुरू

Tue, 18 Jun 2024 11:03 PM IST
भूपेंद्र सिंह पीटीआई, चंडीगढ़

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनील जागलान की सेल्फी विद डॉटर की प्रशंसा की थी। जिन्होंने अपने 'मन की बात' रेडियो प्रसारण में इसका उल्लेख किया था।
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अपनी दोनों बेटियों के साथ सेल्फी विद डॉटर के जनक सुनील जागलान। स्रोत : स्वयं
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विस्तार
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'सेल्फी विद डॉटर' पहल शुरू करने वाले सुनील जागलान ने लैंगिक समानता को लेकर एक और अभियान शुरू किया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि अभियान का उद्देश्य समाज में पितृसत्तात्मक वायरस को खत्म करना और महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित करना है।

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हरियाणा के जींद निवासी जागलान ने कहा कि 'एहसास का सॉफ्टवेयर' अभियान हाल ही में शुरू किया गया है। यह महिलाओं को उनके जीवन के हर चरण में प्रभावित करने वाली गहरी पितृसत्ता को संबोधित करने और खत्म करने के प्रयास में शुरू किया गया है। 

उन्होंने कहा कि एहसास का सॉफ्टवेयर अभियान लैंगिक समानता को अपनाने और पितृसत्तात्मक वायरस को खत्म करने के लिए समाज के लिए कार्रवाई का आह्वान है। हम एक ऐसी दुनिया बनाने की आकांक्षा रखते हैं जहां महिलाएं समाज में समान अवसर, संसाधन और सम्मान प्राप्त कर सकें।
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यह अभियान भारत भर के 144 गांवों में शुरू किया गया है। बचपन से पैदा हुए पितृसत्तात्मक वायरस को इसमें टारगेट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लड़कियों के जन्म का जश्न मनाकर, नेमप्लेट के माध्यम से उन्हें पहचान प्रदान करके और महिलाओं के स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं को संबोधित करके, अभियान स्थायी बदलाव लाना चाहता है।

उन्होंने कहा कि लड़कियों के प्रति भेदभाव जन्म से ही शुरू हो जाता है... हमारे सामने ऐसे कई मामले आते हैं जहां अक्सर उनके आगमन को नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसे चुनौती देने के लिए लड़की के जन्म का जश्न, दरवाजे पर उसकी नेमप्लेट लगाकर और उसके नाम पर एक बैंक खाता खोलकर मनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पर्याप्त पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इस चरण में कम उम्र से ही शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच सुनिश्चित करने की पहल भी शामिल है। अभियान के हिस्से के रूप में किशोर लड़कियों को मासिक धर्म स्वच्छता और प्रजनन स्वास्थ्य पर शिक्षित किया जाएगा। 

घर के पुरुष सदस्यों को जागरूक करने के लिए मासिक धर्म चक्र प्रदर्शित करने वाले 'पीरियड चार्ट' और मेडिकल किट में सैनिटरी पैड को शामिल करने जैसी पहल की जाएगी। इसके अलावा, साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए 'बालिका पुस्तकालय' (लड़कियों के लिए पुस्तकालय) की स्थापना की जाएगी। 

उन्होंने कहा कि अभियान में पुरुषों को भीतर से पितृसत्तात्मक वायरस को खत्म करने के लिए शामिल किया गया है, जिसका लक्ष्य समाज में महिलाओं के लिए समान दर्जा हासिल करना है। पुरुषों को शामिल करके सामाजिक मानदंडों को बदलने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का प्रयास करती है।"

 
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य के मुद्दों को टारगेट करने वाले सत्रों की एक श्रृंखला की मेजबानी करेगा। इस पहल का उद्देश्य योग के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देकर महिलाओं को सशक्त बनाना है, जिसका अभ्यास जीवन के हर चरण में किया जा सकता है, जिससे महिलाओं को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कल्याण का अनुभव करने में मदद मिलती है। 

बता दें कि जागलान जींद के बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच हैं, इससे पहले महिला सशक्तिकरण के लिए 'सेल्फी विद डॉटर', 'पीरियड्स चार्ट' और 'महिला खुशी चार्ट' जैसे कई अभियान चलाए चुके हैं।

जागलान ने कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए नौ साल पहले हरियाणा के एक छोटे से गांव से अपनी 'सेल्फी विद डॉटर' पहल शुरू की थी। इस पहल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रशंसा की, जिन्होंने अपने 'मन की बात' रेडियो प्रसारण में इसका उल्लेख किया था।

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