केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मना करने के बावजूद डब्ल्यूएचओ के एक असाइनमेंट पर विदेश यात्रा पर गए पीजीआई के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (एमएस) डा. अनिल कुमार गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पीजीआई से इस संबंध में जवाब मांगा था, लेकिन संस्थान के जवाब से स्वास्थ्य मंत्रालय संतुष्ट नहीं हुआ। उसके बाद मंत्रालय ने पीजीआई को डिपार्टमेंटल कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। अब पीजीआई को ही अपने स्तर पर कार्रवाई करनी है।
यह था मामला
पीजीआई के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट से जुड़ा यह मामला साल 2014 का है। आरोप के मुताबिक डा. एके गुप्ता को डब्ल्यूएचओ के एक असाइनमेंट पर नेपाल जाना था। इसके लिए उन्हें तीन महीने की छुट्टी लेनी थी। छुट्टी की स्वीकृति गवनर्निंग बाडी से लेनी पड़ती है, लेकिन उन्हें गवनर्निंग बाडी से स्वीकृति नहीं मिली।
तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया था। उसके बाद वे पीजीआई डायरेक्टर से स्वीकृति लेकर नेपाल चले गए। इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया।
उनका कहना था कि पीजीआई डायरेक्टर कैसे उन्हें स्वीकृति दे सकते हैं। इस बारे में पीजीआई के प्रवक्ता मंजू वडवालकर का कहना है कि उन्हें इस बारे में नहीं पता है।