होमगार्ड के कमांडेंट का आखिरकार वीआईपी कल्चर गृहमंत्री अनिल विज ने उतार दिया। अमर उजाला में 12 मई को प्रकाशित समाचारों को संज्ञान लेते हुए अनिल विज ने होमगार्ड कमांडेंट परमजीत सिंह बाजवा के खिलाफ जांच के आदेश डीजी होमगार्ड को दिए। इसके बाद डीजी ने कार्रवाई करते हुए बाजवा से अंबाला के अतिरिक्त कैथल और जींद का चार्ज वापस ले लिया और उन्हें स्टेट हेडक्वार्टर होमगार्ड तलब कर लिया है।
इसके अलावा उनके स्थान पर अब अंबाला में एचपीएस अशोक श्योरान को अंबाला होमगार्ड कमांडेंट का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। उनके पास पंचकूला का चार्ज भी है। जबकि यमुनानगर के विनोद कुमार को कैथल और जींद के होमगार्ड कमांडेंट का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया है।
बाजवा ने खुद को बताया था एसपी के समान
बाजवा न केवल अपने वाहनों पर पुलिस लिखवाकर कानून की धज्जियां उड़ा रहे थे, बल्कि बहुरंगी बत्ती लगाकर खुद को वीआईपी भी जता रहे थे। जब उनसे सवाल किया गया कि होमगार्ड में होने के बावजूद क्या वह पुलिस अपने वाहनों पर लिखवा सकते हैं तो उन्होंने कहा था कि उनका पद एसपी के समान है। इस समाचार को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बता दें कि हाईकोर्ट ने सभी वाहनों पर बहुरंगी बत्ती को हटाने के आदेश जारी किए थे। लेकिन बाजवा को इनकी भी कोई चिंता नहीं थी।
मैंने समाचार पत्र में पढ़कर उसकी कटिंग भी डीजी होमगार्ड के पास भेजी है। साथ ही पूरे की जांच के आदेश उन्हें दिए हैं। अनिल विज, गृहमंत्री ।