हरियाणा सरकार ने तेजाब पीड़ित महिलाओं को दी जाने वाली राहत एवं पुनर्वास की योजना में संशोधन किया है।
संबंधित उपायुक्त या एसडीएम द्वारा गृह विभाग की हरियाणा पीड़ित मुआवजा योजना के तहत देखभाल एवं पुनर्वास के लिये मुआवजे की अदायगी की जाएगी।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि तेजाब डाले जाने के कारण हुई विकृति, हाथ-पैर या शरीर के किसी हिस्से के क्षतिग्रस्त होने और प्लास्टिक सर्जरी के लिये तेजाब पीड़िताें को तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
तीन लाख रुपये की इस कुल राशि में से एक लाख रुपये की राशि पीड़िताें को घटना होने के 15 दिनाें के भीतर (या राज्य सरकार के नोटिस में लाए जाने) तत्काल चिकित्सा सुविधा और अन्य खर्चों के लिये राहत के रूप में दी जाएगी। शेष दो लाख रुपये की राशि दो महीनाें के भीतर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि तेजाब के ऐसे मामले, जिसमें विकृति, हाथ-पैर या शरीर के किसी हिस्से का क्षतिग्रस्त होना या प्लास्टिक सर्जरी शामिल नहीं है। ऐसे में पीड़िताें को 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
इसी प्रकार, पीड़ितों की मृत्यु के मामले में राज्य स्तरीय कमेटी द्वारा उसके कानूनी उत्तराधिकारी को पांच लाख रुपये की एकमुश्त राशि अदा की जाएगी। यह राशि पीड़िताें के उपचार के दौरान हुए खर्च के अतिरिक्त होगी।