चंडीगढ़। जिला अदालत ने सोमवार को नाबालिग से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के आरोपी को बरी कर दिया। बचाव पक्ष के वकील यादविंदर सिंह ने बताया कि नाबालिग लड़की ने पुलिस को शिकायत दी थी कि आरोपी उसके घर आया और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। वहीं, अदालत में जिरह के दौरान पीड़िता ने कहा कि आरोपी ने उसे अपने घर बुलाकर दुष्कर्म किया जिससे वह गर्भवती हो गई। मेडिकल जांच में शिशु का डीएनए भी आरोपी से मैच नहीं हुआ। जिला अदालत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को बरी कर दिया।
एफआईआर के अनुसार, 16 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि मामले का आरोपी युवक उसका पड़ोसी है और बुटिक चलाता है। उससे धीरे-धीरे उसकी अच्छी दोस्ती हो गई। एक दिन अचानक युवक ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा। पीड़िता के मना करने पर वह नाराज हो गया और एक दिन उसे घर पर अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि दुष्कर्म के कारण वह गर्भवती हो गई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।