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पीयू में एबीवीपी व वामपंथी छात्र संगठन भिड़े, धक्कामुक्की, नोकझोंक

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पीयू मे वीसी ऑफिस के बाहर एबीवीपी व अन्य संगठनों के बीच धक्कामुक्की।
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) में वीरवार को वीसी कार्यालय के बाहर एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठन भिड़ गए। पहले खूब नोकझोंक हुई फिर धक्का-मुक्की। एक-दो छात्रों के बीच मारपीट भी हुई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर दोनों पक्षों को अलग किया। इस दौरान एक घंटे तक नारेबाजी होती रही। मामला बढ़ता देख पुलिस ने एबीवीपी के 12 लोगों को हिरासत में ले लिया। शाम को प्रदर्शन करने वाले छात्रों के नाम लिखने के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। एबीवीपी का आरोप है कि वामपंथी छात्र नेताओं ने उनके खिलाफ पहले नारेबाजी की थी। वहीं, वामपंथी छात्र संगठनों का कहना एबीवीपी वीसी के घेराव के बाद लड़ाई करने के उद्देश्य से पहुंचे थे।
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पीयू में सीनेट स्नातक वर्ग के चुनाव की मांग को लेकर कई छात्र संगठन वीसी कार्यालय से लेकर एडमिन ब्लॉक तक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कई दिन से यह धरना चल रहा है। वीरवार को एबीवीपी के पदाधिकारी वीसी कार्यालय पहुंचे और उन्होंने पीयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उनका कहना है कि वह सीनेट चुनाव करवाने, कैंपस खोलने समेत कई मांगों को लेकर ज्ञापन देने गए थे। एबीवीपी के कुछ पदाधिकारियों ने धरना दे रहे दूसरे छात्र संगठनों से संपर्क साधा। यह कहा कि वह उनकी मांगों का समर्थन करने आए हैं। बताया जाता है कि इसी बीच किसी बात को लेकर मामला बिगड़ गया। दोनों ही संगठनों के पदाधिकारियों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ गई। पीयू के सुरक्षा कर्मी भी पहुंच गए। एक-दो घंटों में मामला इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई, लेकिन मामला पुलिस ने आगे नहीं बढ़ने दिया। आरोप है कि एबीवीपी ने दूसरे छात्र संगठन के एक पदाधिकारी को खींचने की कोशिश की। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई पर पुलिस ने मामला संभाल लिया। उन्होंने मामला बढ़ने पर एबीवीपी के कुछ पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया।
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पीयू का बिगड़ सकता है माहौल
पीयू के कुछ वरिष्ठ शिक्षकों का कहना है कि आए दिन पीयू का माहौल खराब हो रहा है। आगे और भी खराब हो सकता है। समय रहते पीयू प्रशासन व छात्रों को बैठकर बातचीत से समस्याओं का हल निकालना चाहिए। पीयू को अखाड़ा न बनाया जाए।
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