चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर चुनाव में भाजपा उम्मीदवार की जीत के बाद मंगलवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन बंसल ने भाजपा पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि चुनाव में भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या की है, इसलिए ये चुनाव रद्द होना चाहिए। साथ ही उन्होंने पीठासीन अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह हाईकोर्ट से सेवानिवृत न्यायाधीश की अगुवाई में दोबारा स्वतंत्र चुनाव कराने की मांग करेंगे और वह सड़क से लेकर संसद तक भी इस मामले में अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
चड्ढा ने आरोप लगाया कि पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने लोकतंत्र की हत्या की है और उन पर आपराधिक मामला चलने के साथ ही सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा के पास मेयर चुनाव में सांसद का वोट मिलाकर कुल 15 वोट थे। अगर एक और पार्षद का समर्थन भी उन्हें मान लें तो भी उनके कुल 16 वोट बनते हैं। दूसरी तरफ आप-कांग्रेस इंडिया गठबंधन के पास कुल 20 वोट थे। इससे साफ है कि गठबंधन की जीत तय थी, लेकिन इसके बावजूद भाजपा ने पूरी मशीनरी का दुरुपयोग करके यह चुनाव जीता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने शुरुआत से षड्यंत्र रचने शुरू कर दिए थे। पहले पीठासीन अधिकारी को बीमार करवा दिया गया, ताकि चुनाव न हो सकें। फिर जब हाईकोर्ट के आदेश पर नई तारीख तय की गई तो ऑपरेशन लोटस के तहत आप और कांग्रेस के पार्षदों को खरीदने की कोशिश की गई। जब उनका यह ऑपरेशन भी फेल हो गया तो उन्होंने आज चुनाव में फर्जीवाड़ा किया। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसी भी पार्टी के पार्षद को आगे नहीं आने दिया गया, जबकि किसी भी चुनाव में चुनाव एजेंट जरूर लगाए जाते हैं, जिनकी देखरेख में ही मतों की गिनती होती है। साथ ही अगर बैलेट पेपर को अवैध घोषित किया जाता है तो उससे पहले चुनाव एजेंट्स को यह दिखाया जाता है। यहां तक कि उपायुक्त को भी अवैध करार दिए गए बैलेट पेपर नहीं दिखाए गए।
चड्ढा बोले कि सांसद किरण खेर ने चुनाव के बाद यह कहा कि भाजपा ने इतिहास रच दिया है। वह इस मामले में उनसे सहमत हैं, लेकिन भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या और असांविधानिक काम करने में इतिहास रचा है। ऐसा इतिहास रचना खेर की पार्टी को ही मुबारक हो, क्योंकि आप व कांग्रेस लोकतंत्र को जीवित रखने और उसे बनाए रखने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी। यह सत्ता की बात नहीं है और न ही यह अब मेयर चुनाव की लड़ाई रह गई है, बल्कि अब यह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है, जिससे वे पीछे नहीं हटेंगे।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि इस पूरे चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी और उस वीडियो का संज्ञान खुद हाईकोर्ट लेगा। उन्हें विश्वास है कि जब यह वीडियो कोर्ट में पहुंचेगी तो न्यायाधीश खुद अपनी आंखों से देखेंगे कि कैसे भाजपा के अल्पसंख्यक विंग के एक पदाधिकारी पीठासीन अधिकारी बने और वह अपने ही पैन से निशान लगाकर बैलेट पेपर को अवैध घोषित कर रहे हैं। ये सारी चीजें हाईकोर्ट के सामने आएंगी तो कोर्ट कार्रवाई करेगा।
ऐसा जंगलराज पहले कभी नहीं देखा : बंसल
पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल ने कहा कि चुनाव में ऐसा जंगलराज उन्होंने पहले कभी नहीं देखा और इसके लिए पूरी तरह से भाजपा जिम्मेदार है। यह किसी एक गठबंधन या एक पार्टी के लिए झटका नहीं है, बल्कि यह भारत के लोकतंत्र के लिए एक झटका है। वे काफी चिंतित हैं कि अगर मेयर चुनाव में भाजपा इतना नीचे गिर सकती है तो वह आने वाले लोकसभा चुनाव में क्या करेगी।