चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व आईएएस अधिकारी से दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार हुए आप पार्टी के नेता योगेश्वर शर्मा को सोमवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने उनका पांच दिन का रिमांड मांगा। इस दौरान दलीलें सुनने के बाद मजिस्ट्रेट ने आरोपी योगेश्वर को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। चंडीगढ़ अपराध शाखा ने आईपीसी 420 की धाराओं के तहत आरोपी योगेश्वर को पंचकूला के सेक्टर-16 से रविवार शाम गिरफ्तार किया था।
पुलिस को दी शिकायत में पंजाब सचिवालय से रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हरजीत सिंह ने बताया था कि वह सेक्टर-40-बी निवासी हैं। चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी की तलाश में उनका संपर्क एक प्रॉपर्टी डीलर से हुआ। डीलर ने उन्हें सेक्टर-46-सी स्थित एससीओ नंबर-69 में बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर दिखाया। इसके बाद पचास प्रतिशत की हिस्सेदारी में 3.68 करोड़ में सौदा तय हुआ। हरजीत सिंह का आरोप था कि फरवरी 2016 को प्रॉपर्टी खरीदने के लिए दोनों पार्टियों के बीच चार महीने का करार हुआ। इसके बाद अगले दो साल तक 90 लाख, 50 लाख धीरे-धीरे कर योगेश्वर शर्मा को दो करोड़ 5 लाख 50 हजार रुपये दे दिए। बाद में सामने आया कि प्रॉपर्टी बेचने के बाद अभी तक कोई कागजात तैयार नहीं करवाया गया है। प्रॉपर्टी की उनके और पत्नी रिंपी के नाम रजिस्ट्री होनी थी। लंबे समय तक रजिस्ट्री न होने और न ही उनके रुपये लौटाने से परेशान होकर उन्होंने 9 सितंबर 2019 को इसकी शिकायत चंडीगढ़ के डीजीपी संजय बेनीवाल को दी। जांच के बाद अब अपराध शाखा ने आरोपी योगेश्वर के खिलाफ मामला दर्ज करके उसे पंचकूला के सेक्टर-16 से गिरफ्तार करके छानबीन शुरू कर दी है।