फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: नारेबाजी कर रहे आप-कांग्रेस पार्षदों को मेयर ने मार्शलों से निकलवाया बाहर, मीडिया गैलरी में पहुंचे 5 पार्षद सस्पेंड

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। मेयर सरबजीत कौर के कार्यकाल की अंतिम बैठक वीरवार को हुई, जिसमें संपर्क केंद्रों पर सुविधा शुल्क लगाने और घर के बाहर गाड़ी खड़ी करने पर पार्किंग शुल्क वसूलने के प्रस्ताव पर जमकर हंगामा हुआ। नगर निगम सदन की बैठक शुरू होते ही आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने मेयर को घेरना शुरू कर दिया। लगभग ढाई घंटे तक चले हंगामे के बीच टी ब्रेक ने विरोध को और गरमा दिया। इसके बाद मेयर ने मार्शलों को बुलाकर हंगामा कर रहे विपक्षी पार्षदों को सदन से बाहर का रास्ता दिखाने को कहा। पार्षदों और मार्शलों के बीच काफी खींचतान हुई और आखिर में पांच पार्षदों सदन से बाहर कर दिया गया।
विज्ञापन

सिविल ड्रेस में गले में बिना पहचानपत्र वाले मार्शलों पर भी विपक्ष ने सवाल उठाए। सदन से बाहर किए गए पांचों पार्षदों को वापस न बुलाने पर सभी छठीं मंजिल पर बने मीडिया गैलरी में पहुंच गए। इस पर नाराजगी दिखाते हुए मेयर ने आप पार्षद अंजू कत्याल, दमनप्रीत सिंह, लखबीर सिंह, रामचंद्र यादव और कांग्रेस के पार्षद जसबीर सिंह को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया। विरोध में आप और कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद भाजपा ने एक एजेंडे को छोड़कर सभी एजेंडों को पास कर दिया। विरोध के बाद मात्र डेढ़ घंटे में सभी एजेंडों पर मुहर लग गई।
विपक्ष का कहना था कि भाजपा शासित प्रदेश में लोगों को लूटा जा रहा है। संपर्क केंद्रों पर सुविधा शुल्क लगाकर उन्हें लूटने की तैयारी है तो घरों के बाहर गाड़ी खड़ी करने पर जुर्माना लगाकर लोगों को परेशान करने की योजना है। मेयर ने कहा कि घरों के बाहर गाड़ियों पर जुर्माने वाले एजेंडों को हम लेकर नहीं आए हैं, वहीं संपर्क केंद्रों पर लिए जाने वाले सुविधा शुल्क को लेकर वह प्रशासन से बात करेंगी। उसके लिए वह पार्षदों के साथ हैं लेकिन विपक्ष कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं था।
विज्ञापन

बॉक्स
मनोनीत पार्षदों ने भाजपा के समर्थन में लगाए नारे
सदन में पहली बार ऐसा हुआ जब मनोनीत पार्षद खुलकर सत्ता पक्ष के समर्थन में आ गए। एक ओर जहां विपक्ष मेयर को घेर रही थी तो भाजपा ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। मनोनीत पार्षद बीच बचाव करने के बजाय सत्ता पक्ष के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। प्रशासन की ओर से चुने गए प्रतिनिधि सदन में तालमेल बनाने के लिए नियुक्त किए जाते हैं लेकिन मनोनीत पार्षद इस बार खुलकर समर्थन में नारेबाजी करते दिखे।
आप पार्षद ने लगाया आरोप तो रो पड़ीं मनोनीत पार्षद
आप पार्षदों ने मनोनीत पार्षद गीता चौहान पर आरोप लगाया कि वह सक्षम होने के बावजूद प्रधानमंत्री अन्न कल्याण योजना के तहत राशन ले रहीं हैं जबकि उनके बच्चे कनाडा में हैं और मनोनीत पार्षद होने के नाते उन्हें भत्ता भी मिलता है। इस पर गीता चौहान ने कहा कि वह वर्तमान में राशन नहीं लेती हैं। जब उन्होंने राशन लिया तो उसे जरूरतमंदों में बांटा। कहा कि मैं दलित परिवार हूं तो उस कोटे से जरूरतमंदों को पूरी मदद करने का उन्हें अधिकार है। इस दौरान वह रो पड़ीं। पार्षदों ने उन्हें जाकर शांत कराया।
बॉक्स
स्वच्छ भारत रैकिंग में भी मची क्रेडिटवार
सदन की बैठक में मेयर के एक साल के कार्यकाल की जो उपलब्धियां थीं उनकी एक वीडियो चलाई गई। इस दौरान हरप्रीत कौर बबला ने स्वच्छता रैंकिंग में 66 से 12वें स्थान पर आने को लेकर मेयर को बधाइ दी। इस पर प्रेमलता ने कहा कि यह पार्षदों ने अपने वार्ड में बेहतर काम किया तब संभव हुआ। इस पर जसबीर सिंह बंट्टी कहा कि मजबूत विपक्ष के कारण यह संभव हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें