आप की हरियाणा इकाई से अरविंद केजरीवाल ने की मुलाकात।
- फोटो : एएनआई
आम आदमी पार्टी हरियाणा में विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी और सभी 90 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। आईएनडीआईए का घटक दल होने के बावजूद आप ने स्पष्ट कर दिया है कि विधानसभा चुनाव में किसी से गठबंधन नहीं होगा। दिल्ली में मंगलवार को हरियाणा इकाई के पदाधिकारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर के बाद राज्यसभा सांसद और आप के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री डॉ. संदीप पाठक ने यह एलान किया। इससे पहले हुई बैठक में प्रदेश प्रचार समिति के अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनुराग ढांडा और प्रदेश उपाध्यक्ष चित्रा सरवारा भी मौजूद रहीं।
राष्ट्रीय पटल पर कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी गठबंधन का हिस्सा है। मगर हाल ही में पंजाब में दोनों दलों के साथ सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। वहां दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ने का एलान किया तो अब हरियाणा में आम आदमी पार्टी ने बड़ा दांव खेल दिया है। पार्टी सभी सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
बैठक में राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक के पदाधिकारी भी शामिल हुए। हरियाणा में परिवार जोड़ो अभियान और चुनाव की तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ने कहा कि इस अभियान में डोर टू डोर अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन मजबूत कर रहे हैं। अगले 15 दिनों में प्रत्येक गांव में कमेटी बनेगी। आने वाले दिनों में हरियाणा में सबसे बड़ा संगठन आम आदमी पार्टी का होगा।
हरियाणा की जनता भाजपा सरकार से त्रस्त है। अब हरियाणा के लोग बदलाव चाहते हैं। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर जनहित में किए गए कार्यों से हरियाणा की जनता बहुत प्रभावित हैं। आज हरियाणा में 25 लाख बेरोजगारों की फौज है। देश में बेरोजगारी के मामले में हरियाणा नंबर एक पर है। युवा नौकरी के लिए विदेश में पलायन कर रहे हैं।
प्रदेश में रोजाना महिलाओं के साथ दुष्कर्म, चेन स्नैचिंग, छेड़छाड़ जैसी वारदात हो रही हैं। सरकार छेड़छाड़ के आरोपी मंत्री का बचाव कर रही है। दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी के क्रांतिकारी बदलावों से हरियाणा की जनता प्रभावित है। आम आदमी पार्टी ने एक मजबूत विकल्प जनता के सामने रखा है।