यूटी प्रशासन का बिजली विभाग सुधार के तमाम दावे करे, लेकिन उपभोक्ताओं को कोई राहत मिलती नहीं दिख रही। विभाग की गलतियों का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। मलोया में रहने वाले रंजीत के घर में एक टीवी, एक फ्रिज और दो बल्ब हैं, जिसका बिल बिजली विभाग ने 1 लाख 67 हजार 87 रुपये का भेजा है। लाखों का बिजली का बिल देखकर मकान मालिक के होश उड़ गए और उसे ठीक कराने के लिए अब वह अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काटने में लगे हैं।
सरकारी विभागों में काम में लापरवाही जरूर की जाती है, लेकिन यूटी प्रशासन के बिजली निगम के अधिकारियों ने लापरवाही की सभी हदें पार कर डाली हैं। विभाग ने मलोया के पुनर्वास कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार का दो महीने का बिजली का बिल 1 लाख 67 हजार 87 रुपये का बनाया है। रंजीत ने बताया कि जुलाई के महीने में वह यहां कालोनी नं-4 से रहने आए हैं। यह फ्लैट चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की तरफ से जुलाई के महीने में मिला है। 13 जनवरी को उन्हें बिजली का बिल मिला। यह बिल 29 जुलाई से लेकर 19 नवंबर 2019 के बीच का है।
बिल में रीडिंग 35,161 दिखाया गया है, जिसका बिल लाखों में बनाया है। लेकिन इतनी बड़ी रकम का बकाया देख मकान मालिक के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने बताया कि घर में सिर्फ एक टीवी, फ्रिज और दो बल्ब जलते हैं। ऐसे में इनका बिजली का बिल लाखों में कैसे आ सकता है, यह सोचकर वह परेशान हैं।