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गजब! घर में एक टीवी और फ्रिज और बिजली बिल आया इतना, जानकर उड़ जाएंगे होश

Wed, 15 Jan 2020 02:20 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
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बिजली का बिल
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यूटी प्रशासन का बिजली विभाग सुधार के तमाम दावे करे, लेकिन उपभोक्ताओं को कोई राहत मिलती नहीं दिख रही। विभाग की गलतियों का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। मलोया में रहने वाले रंजीत के घर में एक टीवी, एक फ्रिज और दो बल्ब हैं, जिसका बिल बिजली विभाग ने 1 लाख 67 हजार 87 रुपये का भेजा है। लाखों का बिजली का बिल देखकर मकान मालिक के होश उड़ गए और उसे ठीक कराने के लिए अब वह अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काटने में लगे हैं।
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सरकारी विभागों में काम में लापरवाही जरूर की जाती है, लेकिन यूटी प्रशासन के बिजली निगम के अधिकारियों ने लापरवाही की सभी हदें पार कर डाली हैं। विभाग ने मलोया के पुनर्वास कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार का दो महीने का बिजली का बिल 1 लाख 67 हजार 87 रुपये का बनाया है। रंजीत ने बताया कि जुलाई के महीने में वह यहां कालोनी नं-4 से रहने आए हैं। यह फ्लैट चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की तरफ से जुलाई के महीने में मिला है। 13 जनवरी को उन्हें बिजली का बिल मिला। यह बिल 29 जुलाई से लेकर 19 नवंबर 2019 के बीच का है।

बिल में रीडिंग 35,161 दिखाया गया है, जिसका बिल लाखों में बनाया है। लेकिन इतनी बड़ी रकम का बकाया देख मकान मालिक के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने बताया कि घर में सिर्फ एक टीवी, फ्रिज और दो बल्ब जलते हैं। ऐसे में इनका बिजली का बिल लाखों में कैसे आ सकता है, यह सोचकर वह परेशान हैं।
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नहीं जमा कराया बिल तो लेट फीस भी चुकानी होगी

रंजीत कुमार को मिले बिल के अनुसार 1 लाख 80 हजार 946 रुपये एनर्जी चार्जेस लगाए गए हैं। इस पर फिक्स चार्जेस 40 रुपये, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी 3164 रुपये और मीटर का किराया 80 रुपये लगाया गया है। कुल बने बिल में से 17 हजार 143 रुपये एफपीपीसीए चार्जेस घटा दिए, जिसके बाद उनका कुल बिल 1 लाख 67 हजार 87 रुपये आया।

साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर वह यह रुपये आखिरी दिन से पहले जमा नहीं कराते हैं तो उन्हें 6,557 रुपये लेट फीस भी चुकानी होगी। इसके साथ ही उन्हें कुल एक लाख 73 हजार 644 रुपये चुकाने होंगे। यह सोचकर उनका पूरा परिवार चिंता में है। वह यह सोच रहे हैं कि इतने पैंसे वह कहां से लेकर आएं।

बिजली विभाग के अधिकारियों ने साधी चुप्पी
इस पूरे मामले को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने कहा कि ऐसा संभव नहीं है। सिस्टम में गलती की वजह से ऐसा हुआ होगा। यदि ऐसा है तो उपभोक्ता कार्यालय में पहुंच अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। उसकी समस्या का निदान किया जाएगा। हालांकि इस बारे बिजली विभाग ने सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर सीडी सांगवान से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हुआ।
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