केन्द्रीय जेल की दीवार में लगाई सेंध
पंजाब की गुरदासपुर सेंट्रल जेल में दिन भर शुक्रवार को हंगामा होता रहा, कैदियों में हुई खूनी झड़प मामले में अब वो खुलासा हुआ है, जिसके लिए सारा ड्रामा रचा गया। इस खुलासे के बाद पुलिस के हाथ पांव फूल गए हैं। केंद्रीय जेल गुरदासपुर में कैदियों की ओर से किया गया उपद्रव शुक्रवार देर रात करीब ढ़ाई बजे शांत हुआ और कैदी अपनी अपनी बैकरों में लौटे। इसके अलावा कैदियों को शांत करने के लिए जेल के अंदर जहां शुक्रवार देर रात तक फायरिंग की आवाजें भी आती रही और साथ ही टियर गैस का भी इस्तेमाल भी किया गया।
घटनाक्रम दौरान कुछ कैदियों को चोटें भी आई हैं। जेल प्रशासन ने डेढ़ दर्जन के करीब कैदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट किया है।इस दौरान पुलिस बल को काफी मश्क्कत करनी पड़ी। वहीं पूरी रात पुलिस और सिविल प्रशासन के आला अधिकारी केंद्रीय जेल में डेरा डाल कर बैठे रहे। जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर को केंद्रीय जेल गुरदासपुर में बंद गैगस्टरों की ओर से जेल में तैनात मुलाजिमों की पिटाई कर दी गई थी और फिर जेल के अंदर पड़े सामान की तोड़ फोड़ कर करने के अलावा आग भी लगा दी गई थी।
कुछ कैदी बैरक नंबर चार में पहली मंजिल पर चले गये थे और वहां से नीचे उतरने का नाम नहीं ले रहे थे। जिन्हें नीचे लाने के लिए पुलिस को देर रात भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। देर रात केंद्रीय जेल गुदासपुर में स्थिति ओर ज्यादा बिगड़ गयी। जिसके लिए पुलिस के अधिकारियों ने दूसरे जिलों से भी फोर्स को बुलाया गया। करीब चार हजार पुलिस मुलाजिमों को जेल के अंदर और बाहरी दीवारों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया। इसके अलावा पुलिस की ओर से कैदियों पर आंसू गैस के गोले तथा रुक रुक कर फायरिंग भी करती रही ताकि उन्हें डरा कर एक ही स्थान पर रखा जा सके।
वहीं देर रात पुलिस ने जेल में बंद कुछ नामवर गैंगस्टरों को केंद्रीय जेल गुरदासपुर से निकाल कर दूसरे जिला की जेलों में भेज दिया गया। वहीं उक्त कैदियों में जेल के अंदर काफी उपद्रव्य मचाया और जेल के अंदर लगे जैमर, ग्रिल, सीसीटीवी , पाइपें तथा बैरकों में लगे लाक भी तोड़ दिये। रात करीब ढाई बजे पुलिस की ओर से सख्ती से कहा गया कि अगर वह पांच मिनट में अपनी बैकरों में नहीं लौटे तो वह सख्त कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगे। जिसके बाद सभी कैदी वापिस अपनी बैरकों में लौट आये। जिसके बाद पुलिस प्रशासन की भी सांस में सांस आयी। हालात सामान्य होने के बाद प्रशासन की ओर से करीब डेढ़ दर्जन के करीब अन्य कैदियों को भी फिरोजपुर, कपूरथला, लुधियाना तथा बठिंडा की जेलों में शिफ्ट किया है।