देश को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देने वाले पानीपत में बेटियों का लिंगानुपात सुधर गया है। अब यहां एक हजार बेटों पर 1013 बेटियां हैं। स्वास्थ्य विभाग के जन्म रजिस्ट्रेशन के दावों की माने तो जिला बेटियों के अनुपात में प्रदेश में पहले नंबर पर आ गया है। कैथल 976 के लिंगानुपात के साथ दूसरे नंबर पर है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पानीपत की धरती पर सुधरते लिंगानुपात से उत्साहित है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत के सेक्टर-13/17 स्थित मैदान से देश को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया था। इसके साथ ही यह अभियान शुरू किया गया था। पीएम मोदी ने मंच से प्रदेश ही नहीं देश की जनता से बेटियों के जन्म और उनको शिक्षित करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि यदि लोग बेटियों को बेटों के समान समझने लगें तो बेटियां बेटों से भी ऊपर जा सकती हैं। अभियान के ठीक दो साल बाद पानीपत की धरती ने बेटियों के अनुपात के मामले में पूरे प्रदेश को पीछे छोड़ दिया। स्वास्थ्य विभाग के जन्म रजिस्ट्रेशन के अनुसार जनवरी और फरवरी 2017 में जिले में 2262 बेटों और 2291 बेटियों ने जन्म दिया। यहां का बेटियों का जन्म रेशियो 1013 रहा।
बेटियां खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी रहीं आगे
शिक्षा से लेकर खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों तक में बेटियां सबसे आगे हैं। हरियाणा बोर्ड हो या फिर सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट, हर एक में बेटियां अव्वल हैं। खेल के मैदान पर भी बेटियां लगातार अपना और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बेटियों के आंकड़े बेहतर हैं।
रेवाड़ी सबसे नीचले स्तर पर रहा, अनुपात केवल 816 ही
- फोटो : File Photo
जिला मेल फीमेल कुल प्रतिशत
पानीपत 2242 2291 4553 1013
कैथल 1563 1525 3088 976
झज्जर 1089 1059 2148 972
पलवल 2084 2026 4110 972
पंचकूला 1114 1070 2184 961
अंबाला 1475 1406 2881 953
सोनीपत 2204 2100 4304 953
कुरुक्षेत्र 1574 1495 3069 950
फतेहाबाद 1464 1381 2845 943
यमुनानगर 1973 1859 3832 942
भिवानी 2026 1907 3933 941
करनाल 2026 1934 4000 936
मेवात 3585 3326 6911 928
फरीदाबाद 4870 4470 9340 918
हिसार 3020 2771 5791 918
रोहतक 2066 1879 3945 909
गुड़गांव 2784 2478 5262 890
जींद 2267 2011 4278 887
नारनौल 1165 989 2154 849
रेवाड़ी 1404 1146 2550 816
कुल 44019 40906 84925 929
नोट : आंकड़े जनवरी और फरवरी माह में सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पर आधारित हैं।
स्वास्थ्य विभाग भी रहा है सजग
- फोटो : फाइल फोटो
स्वास्थ्य विभाग भी रहा है सजग
एमटीपी के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी गंभीर बना हुआ है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने शहर समेत जिले के करीब एक दर्जन अल्ट्रासाउंड सेंटर और अस्पतालों का दौरा किया। इसके अलावा गर्भपात करने के भी कई मामले पकड़े। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जिले में लिंग जांच को बिल्कुल बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही यूपी और दिल्ली में लिंग जांच की सूचना पर आधा दर्जन रेड की गई। शामली, कैराना और मेरठ में स्वास्थ्य विभाग ने कई मामले पकड़े हैं।
जिले में लिंगानुपात बेहतर करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। जनवरी ओर फरवरी माह में जिले का लिंगानुपात सुधारा है। पानीपत 1013 प्रतिशत के साथ प्रदेश में नंबर वन पर आ गया है। यह जिले के लिए खुशी की बात है। जिलेवासियों को बेटियों को बेटों के बराबर मान देना चाहिए। वे भी बड़ी होकर बेटों के बराबर नाम रोशन कर सकती हैं। डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत।