फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab News: पंजाबी यूनिवर्सिटी में कर्मचारी ने की आत्महत्या, 2016 से था कार्यरत, हरियाणा का था मूल निवासी

Thu, 22 Sep 2022 05:03 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

पीयू के वीसी प्रोफेसर अरविंद का कहना है कि यूनिवर्सिटी कैंपस में ऐसी घटना का होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। दुख की इस घड़ी में यूनिवर्सिटी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।
विज्ञापन
रोहताश कुमार की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाबी यूनिवर्सिटी में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब यूनिवर्सिटी के वारिस भवन में काम करने वाले एक डेलीवेज कर्मचारी का शव उसके कमरे में पंखे से लटकता मिला। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची व शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है। 

विज्ञापन


पुलिस के मुताबिक फिलहाल इसके पीछे के कारणों का खुलासा मृतक के परिजनों का बयान लेने बाद ही हो सकेगा। मृतक की पहचान 28 साल के रोहताश कुमार के तौर पर हुई है। वह मूलरूप से हरियाणा के जाखल के नजदीक का रहने वाला था। पुलिस के मुताबिक पटियाला में वह अपने फूफा के पास रहकर यूनिवर्सिटी में नौकरी कर रहा था। वारिस भवन के जिस कमरे में रोहताश ने फंदा लगाया, उसे जांच पूरी होने तक पुलिस द्वारा सील कर दिया गया है।

उधर, पंजाबी यूनिवर्सिटी के चीफ सिक्योरिटी अधिकारी कैप्टन गुरतेज सिंह ने बताया कि रोहताश कुमार वारिस भवन की किचन में मसालची के तौर पर साल 2016 से काम कर रहा था। पिछले कुछ समय से वह ठीक नहीं था। किसी बात को लेकर वह परेशान रहता था। उन्होंने बताया कि रोहताश कुमार की ड्यूटी रात 10 बजे से लेकर सुबह छह बजे तक की थी। 
विज्ञापन


गुरुवार सुबह ड्यूटी बदलने पर जब दूसरा कर्मचारी पहुंचा तो इस घटना के बारे में पता चला। संबंधित थाना अर्बन इस्टेट के प्रभारी अमृतवीर सिंह ने बताया कि रोहताश के हरियाणा स्थित परिवार वालों को घटना के बारे में सूचना दे दी है। उनके बयान के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि रोहताश विवाहित था और उसकी एक साल की बेटी भी है। 

उधर, पीयू के वीसी प्रोफेसर अरविंद का कहना है कि यूनिवर्सिटी कैंपस में ऐसी घटना का होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। दुख की इस घड़ी में यूनिवर्सिटी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें