सीईओ अमन मेहता ने बताया कि 15 नवंबर को पठानकोट और चंडीगढ़ से अधिकारी आरबीआई के सेंट्रल ऑफिस में गए थे। वहां अधिकारियों को बैंक की रिकवरी और प्रोग्रेस के बारे बताया गया, इसके अलावा बताया गया कि किस तरह बैंक के उपभोक्ता परेशान हैं। इस दौरान पत्र दिया गया कि वार्षिक निकासी की लिमिट को 10 से बढ़ाकर 25 हजार किया जाए। मेहता ने कहा कि अगर इस लेटर से बात नहीं बनी तो दोबारा टीम सेंट्रल ऑफिस जाएगी और रिपोर्ट रिप्रेजेंट कर आरबीआई से गुहार लगाई जाएगी।
26 कर्मचारियों के डेपुटेशन जाने का रास्ता साफ
सीईओ ने बताया कि खर्च कम करने के लिहाज से बैंक के 24 मुलाजिमों को पंजाब के विभिन्न कोऑपरेटिव बैंकों में डेपुटेशन पर भेजे जा चुके हैं और चंडीगढ़ मीटिंग में 29 अन्य कर्मचारियों को डेपुटेशन पर भेजने का रास्ता साफ हो गया है। प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 2-4 दिन में उसके आर्डर हो जाएंगे। मेहता ने बताया कि नवंबर में 28, 29, 30 और 12 दिसंबर को डिफाल्टरों की जब्त की गई संपत्तियों की नीलामी होगी।