बलवान ने पूर्ण नगर पालम में स्थित अपने मकान के ग्राउंड फ्लोर पर जिम खोल रखा है। फर्स्ट फ्लोर पर मोनोपली नाम से एक दफ्तर खोला है। बलजीत से बलवान की जान-पहचान थी। बलजीत और प्रतीक अक्सर बलवान के पास आते थे। वहीं पर रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की योजना बनी।
इन लोगों से हुई ठगी
योजना के तहत ही बलजीत ने बहादुरगढ़ निवासी रोहताश को उसके लड़के की रेलवे में नौकरी लगवाने की एवज में 45 लाख रुपये देने बारे बात हुई। अप्रैल 2017 में चेक व नगद राशि सहित 45 लाख रुपये उसने दे दिए। इसी प्रकार से एयर इंडिया में सर्विस करने वाले चार अन्य लोगों ने भी गिरोह के झांसे में आकर अपने रिश्तेदारों की रेलवे में नौकरी लगवाने के संबंध में लाखों रुपये दिए। जिनमें सुरेश निवासी तरुण विहार दिल्ली ने करीब 31 लाख रुपये, आनंद निवासी बहादुरगढ़ ने करीब 31 लाख 50 हजार, जय भगवान निवासी बहादुरगढ़ ने करीब 36 लाख रुपये तथा सुरेंद्र निवासी बहादुरगढ़ ने करीब 25 लाख रुपये अपने रिश्तेदारों की रेलवे में नौकरी लगवाने की एवज में दिए।
खरीद ली प्रॉपर्टी
षड्यंत्र के तहत उपरोक्त लोगों से प्राप्त करीब एक करोड़ 68 लाख रुपयों को बलजीत, प्रतीक, संदीप व बलवान चारों ने आपस में बांट लिया। पकड़े गए आरोपी बलवान ने अपने हिस्से में आए 39 लाख 25 हजार रुपये में और पैसे मिलाकर डीडीए में फ्लैट खरीद लिया। अन्य आरोपियों ने भी प्रॉपर्टी में पैसा इन्वेस्ट कर दिया।
अन्य आरोपी भी होंगे जल्द गिरफ्त में
सीआईए-2 प्रभारी सत्यवान ने बताया कि आरोपी बलवान को बहादुरगढ़ इलाके से गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से 70 हजार रुपये बरामद कर लिए गए है। मास्टर माइंड बलजीत पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। बलवान को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। बलजीत का बेटा प्रतीक व आरोपी संदीप पकड़ से बाहर हैं। शीघ्र ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।