सिपाही भर्ती फर्जीवाड़े में अब तक 97 उम्मीदवारों की जगह दूसर आरोपियों ने परीक्षा दी है। इसके बाद उम्मीदवार धरपकड़ होने के डर से एसआईटी के सामने नहीं आए हैं। एसआईटी ने पांच फरवरी को उन्हें समन भेजकर पंचकूला में पेश होने को कहा है। हालांकि उम्मीदवार अभी तक पेश नहीं हुए हैं। पंचकूला एसीपी विजय नेहरा ने बताया कि पेश नहीं होने वाले अधिकतर उम्मीदवार करनाल, रोहतक, सोनीपत, पानीपत जिलों के हैं।
सेक्टर-5 परेड ग्राउंड में फिजिकल देने नहीं आए उम्मीदवारों का डाटा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से एसआईटी को दिया जा चुका है। इनके फिगर प्रिंट मिलाए जाने हैं। एसआईटी ने बताया कि 84 पुरुष और 13 महिला अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों ने परीक्षा दी है। आरोपी रामफल और अशोक निवासी हिसार को पकड़ने के बाद इस बात का खुलासा हुआ है। कोचिंग सेंटर में सेटिंग कर मेधावी छात्रों को लाखों की रकम का लाचल देकर परीक्षा दिलाने के लिए तैयार करते थे। इसके बाद इन उम्मीदवारों की परीक्षा दिलवाई गई है। इसमें आरोपी नसीब ने इस तरह की सेटिंग कर एग्जाम दिलवाया था।
लगातार सत्यापन में आ चुकी है गड़बड़ी
पंचकूला एसीपी विजय नेहरा ने बताया कि पुलिस भर्ती के अलावा एएलएम भर्ती में भी फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। इसमें भी दस्तावेजों की जांच के लिए उम्मीदवारों को बुलाया गया। अभी तक दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। आरोपी रामफल ने पुलिस भर्ती परीक्षा, असिस्टेंट लाइनमैन और पटवारी की परीक्षा में भी उम्मीदवार की जगह फर्जी परीक्षार्थी ने परीक्षा दी है। इसे लेकर एसआईटी की ओर से रिकार्ड लगातार खंगाले जा रहे हैं।
एसआईटी ने 36 लोगों को किया है गिरफ्तार
अब तक 8 केस दर्ज कर 36 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें शामिल करीब 150 आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। एसआईटी के खुलासे के आधार पर आरोपियों का रिकार्ड जांच रहे हैं। इसमें 6 लोग सेटिंग करवाने वाले और 27 उम्मीदवार और तीन परीक्षा देने वाले आरोपी गिरफ्तार किए हैं।
- विजय नेहरा, एसीपी, पंचकूला।