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सर्व खाप महापंचायत बैठी, सुनाए 8 फरमान

Mon, 19 Jan 2015 03:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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थ्री जी यानि गोत्र, गांव व गोहांड में शादी करने पर अब लड़के व लड़कियों को आर्थिक व सामाजिक तौर पर दंडित किया जाएगा। फैसले से बाहर जाने वाले परिवारों को पहले समझाया जाएगा, अगर नहीं माने तो पंचायती तौर पर खाप कानून के दायरे में रहकर यह कदम उठाएंगी।
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ऑनर किलिंग का सख्ती से विरोध होगा और अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा दिया जाएगा। फैसलों को मजबूती से लागू करने के लिए खाप पंचायतें गांव स्तर पर कमेटियां गठित करेंगी। रविवार को बोहर के नांदल भवन में 84 खाप रोहतक के प्रधान हरदीप सिंह अहलावत की अध्यक्षता में हुई सर्वखाप सर्वजातीय महापंचायत में यह फैसला लिया गया।

दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक चले मंथन में कन्या भ्रूण हत्या, दहेज लेने व देने व रात में होने वाली शादियों पर रोक के लिए कदम उठाने का फैसला लिया गया। हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन की पुरजोर मांग और युवाओं में नैतिकता की भावना लाने के लिए भी कदम उठाने का फैसला लिया गया।
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भ्रूण हत्या का विरोध, शुरुआत पंचायतियों के घर से

फैसला लिया गया कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सख्ती से कदम उठाए जाएंगे। ऐसा करने वालों का पंचायतें भी अपने स्तर पर विरोध करेंगी। शुरु आत पंचायती सदस्य अपने-अपने घरों से करेंगे। कहा गया कि लड़कियों की घटती संख्या से समाज का संतुलन बिगड़ रहा है। खाप पंचायतें ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को भी बढ़ावा देंगी

दहेज न लेंगे, न देंगे
पंचायत ने फैसला लिया कि शादी में दहेज लेने व देने वालों का बहिष्कार किया जाएगा। क्योंकि दहेज के डर से ही माता-पिता बेटी पैदा होने नहीं देते। इस बुराई को कम करने के लिए पंचायतें लोगों को समझाएंगी। साथ ही उन लोगों को अलग-थलग किया जाएगा, जो शादियों में दिखावे के लिए लाखों रुपये खर्च करते हैं। इसका प्रभाव मध्यम वर्ग के लोगों पर भी पड़ता है, जिन्हें मजबूरी में बेटी या बेटे की शादी में कर्ज लेकर ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है।

शादियां रात की बजाए दिन में हों
रात को शादियां होने से वितरित असर पड़ रहा है। डीजे के प्रयोग से ग्रामीण युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ता है। युवा शराब की ओर प्रेरित होता है। ऐसे में शादी दिन में ही होनी चाहिए। इसके लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा।
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ऑनर किलिंग का विरोध, अंतरजातीय विवाह का समर्थन

खाप पंचायतों को ऑनर किलिंग का जिम्मेदार ठहराया जाता है, लेकिन आज तक एक भी पंचायत ने ऑनर किलिंग को सही नहीं ठहराया। फैसला हुआ कि खाप पंचायतें ऑनर किलिंग का बहिष्कार करेंगी और अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देंगी।

पिता, नानी व दादी का गोत्र छोड़ना जरूरी
खाप पंचायती इस बात पर सहमत नजर आए कि एक ही गोत्र में विवाह गलत है। इतना ही नहीं पिता के साथ नानी व दादी के भी गोत्र में विवाह नहीं किया जाए। तर्क दिए गए कि एक गोत्र में विवाह से संतान कमजोर होती है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी हैं।  

हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन के लिए दबाव बनाने का फैसला
पंचायतियों ने हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाने का फैसला किया। तर्क दिया गया है कि कानून का फायदा उठाकर युवक व युवतियां एक ही गांव व गोत्र में विवाह कर रहे हैं। इससे समाज पर वितरित असर पड़ रहा है।  

नैतिकता का पढ़ाएंगे पाठ
युवाओं में नैतिकता की भावना बढ़ाने के लिए पंचायतें जागरुकता अभियान चलाएंगी। गांव स्तर पर कमेटियां आसपास के युवाओं को बताएंगी कि वे अपनी संस्कृति को पहचानें। बुजुर्गों का सम्मान करें। 
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